बरेली: मालगाड़ी पटरी से उतरने के लिए रेलपथ विभाग जिम्मेदार, जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी
छह अधिकारियों की टीम ने 12 पन्ने की संयुक्त जांच रिपोर्ट मुख्यालय भेजी, जिम्मेदारी तय करने से पहले वैगन की भी जांच की सिफारिश
फोटो- जंक्शन पर ट्रैक मेंटिनेंस को खड़ी एमएफआई मशीन।
बरेली, अमृत विचार: जंक्शन पर शनिवार रात मालगाड़ी पटरी से उतरने की घटना की स्थानीय अधिकारियों की छह सदस्यीय कमेटी ने जांच पूरी कर मुख्यालय रिपोर्ट भेज दी है। इस जांच रिपोर्ट में हादसे के लिए रेलपथ विभाग को जिम्मेदार ठहराया गया है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि जांच में रेलवे ट्रैक की रीडिंग रेलपथ मैनुअल के अनुसार नहीं पाई गई। हालांकि अंतिम रूप से पटरी से उतरे मालगाड़ी के वैगन की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही जिम्मेदारी तय करने की भी संस्तुति की गई है।
जांच कमेटी ने मालगाड़ी बेपटरी होने के मामले में 15 बिंदुओं पर 12 पेज की संयुक्त रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक पटरी से उतरने के दौरान मालगाड़ी की रफ्तार करीब आठ किलोमीटर घंटा थी। जिस प्वाइंट को हादसे की वजह माना जा रहा है, उससे पहले वहां से 08:45 बजे 14312 आला हजरत एक्सप्रेस को गुजारा गया था।
जांच में यह भी जिक्र किया गया है कि दो जनवरी को यानी हादसे से चार दिन पहले रेल पथ विभाग ने प्वाइंट नंबर 123 और 124 की पैकिंग के लिए मशीन से काम करने के लिए दो घंटे का ब्लॉक भी लिया था। इस जांच कमेटी में प्रमुख रूप से एसएसई सिग्नल धर्मवीर, सीएलआई डीवी मीणा, सीएमआई राकेश कुमार, एसएसई कैरेज एंड वैगन सत्यवीर सिंह, यातायात निरीक्षक सत्यवीर सिंह और एसएसई रेल पथ राजेंद्र कुमार शामिल थे।
एसएसई रेलपथ ने संयुक्त रिपोर्ट पर नहीं किए हस्ताक्षर, अलग लिखा डिसेंट नोट
जांच कमेटी में एसएसई रेलपथ भी शामिल हैं। बाकी अधिकारियों ने रेलपथ विभाग को जिम्मेदार ठहराया है लेकिन एसएसई रेलपथ ने उनकी संयुक्त रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। उन्होंने संयुक्त रिपोर्ट के साथ डिसेंट नोट (असहमति पत्र) दिया है। इसमें उन्होंने कहा है कि ट्रैक पैरामीटर की रीडिंग संयुक्त रिपोर्ट में दी गई है, वह हादसे के बाद की है, जबकि डिरेलमेंट के बाद क्षतिग्रस्त ट्रैक की गुणवत्ता का मानक ट्रैक पैरामीटर के आधार पर तय नहीं किया जा सकता।
हादसे वाली जगह पर ब्लॉक लेकर सोमवार को जंक्शन पर रेलपथ विभाग ने पत्थरों की पैकिंग की थी। हादसे के बाद से ट्रैक को दुरुस्त करने का काम जारी है। सोमवार को भी इसी क्रम में एमएफआई मशीन मंगाकर ट्रैक ठीक करने में टीम जुटी रही।
डिरेल वैगनों की नहीं हुई नापजोख एसएसई रेलपथ ने डिसेंट नोट में डिरेल हुए वैगनों की नापजोख कराने की मांग की है तो वहीं ज्वाइंट रिपोर्ट देने वाले दूसरे अधिकारियों ने भी यह माना है कि डिरेल हुए वैगनों की जांच कराने के बाद ही इस मामले में जिम्मेदारी तय की जाए। पटरी से उतरे वैगन अभी बरेली जंक्शन यार्ड में ही खड़े हैं। अधिकारियों का कहना है कि अब तक डिरेल वैगनों की नापजोख के आदेश नहीं आए हैं।
हादसे में 12 हजार रुपये का नुकसान
संयुक्त रिपोर्ट में डिरेलमेंट के दौरान हुए नुकसान की जानकारी भी दी गई है, जिसमें कहा गया है कि रेल पथ विभाग को करीब 12 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इस हादसे में लोको, कैरिज एंड वैगन, सिग्नल एवं टेलीकम्युनिकेशन विभाग को किसी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। डिरेल हुए वैगन भी किसी तरह से क्षतिग्रस्त नहीं मिले थे।
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