अयोध्या: बाबरी विध्वंस के फैसले से संतों में खुशी का माहौल

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Edited By Amrit Vichar
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अयोध्या, अमृत विचार। राममंदिर के बाद बाबरी विध्वंस मामले में हाईकोर्ट के फैसले को लेकर अयोध्या में खुशी का माहौल है। मठ मंदिरों में संत महंत इस फैसले से खुश होकर जय श्रीराम के नारे लगा कर एक दूसरे को मिठाई खिला रहे हैं। यह नजारा 10 महीने बाद फिर देखने को मिला है। अयोध्या …

अयोध्या, अमृत विचार। राममंदिर के बाद बाबरी विध्वंस मामले में हाईकोर्ट के फैसले को लेकर अयोध्या में खुशी का माहौल है। मठ मंदिरों में संत महंत इस फैसले से खुश होकर जय श्रीराम के नारे लगा कर एक दूसरे को मिठाई खिला रहे हैं। यह नजारा 10 महीने बाद फिर देखने को मिला है। अयोध्या विवाद मामले पर लगातार अरे फैसले से अब अयोध्या के लोग काफी प्रसन्न हैं 9 नवंबर को राम मंदिर के पक्ष में फैसला आने के बाद 30 सितंबर को बाबरी विध्वंस मामले में भी सभी आरोपियों को बरी करने का फैसला अयोध्या के लिए बहुत ही बड़ा दिन था।

सुबह से ही अयोध्या के साधु संत कोर्ट के फैसले के इंतजार में रहे। और फैसला आते ही मठ मंदिरों में घंटा घरयाली के बीच जयकारे गूंजने लगे। अयोध्या के हनुमानगढ़ी, तपस्वी छावनी, मणिराम दास छावनी सहित दर्जनों मंदिरों में संतो ने उल्लास मनाते हुए एक दूसरे को मिठाई खिलाई और बधाई दी। वहीं हनुमानगढ़ी के पुजारी राजू दास ने बताया कि आज अयोध्या में उत्साह है 500 वर्षों की बात राम मंदिर निर्माण शुरू हो चुका है तो वहीं अब 28 वर्षों से चल रहे बाबरी विध्वंस मामले में बनाए गए सभी आरोपियों को सीबीआई की अदालत ने बरी कर दिया है।

यह फैसला अयोध्या के लिए ऐतिहासिक है और इस फैसले में संविधान की जीत हुई है। कहा कि एक विदेशी आक्रांता के द्वारा मंदिर को ध्वस्त करके उसे मस्जिद का आकार दिया गया था उसके नीचे भगवान रामलला विराजमान थे लाखों राम भक्तों का या इच्छा नहीं थी कि उस ढांचे को गिराया जाए। लेकिन लाखों राम भक्त इस बात को स्वीकार न करते हुए उस ढांचे को ही गिरा दिया आज सीबीआई की अदालत ने यह साफ कर दिया कि आप कोई सोची समझी साजिश नहीं थी इसलिए सभी को बधाई और साधुवाद।

वहीं तपस्वी छावनी के महंत परमहंस दास ने बताया। हमारी केंद्र सरकार से मांग है कि जिस तरह से अयोध्या में राम मंदिर का रास्ता प्रशस्त हो गया है।अब मथुरा और काशी और तेजूमहालय जैसी सांस्कृतिक विरासत को उसके सही स्वरूप में स्थापित करने का भी रास्ता साफ हो जाना चाहिए। विदेशी आक्रांता के जो भी कलंक है वो हटने चाहिए। तो वही श्री मणि रामदास छावनी के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने बताया। 9 नवंबर को सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ही सब हो स्पष्ट गया था। बाबरी विध्वंस केस के सभी आरोपी कोर्ट का फैसला स्वीकार करने के लिए तैयार थे।

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