रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देकर पूर्व मंत्री को ठगा, गिरोह के एक सदस्य को एसटीएफ ने दबोचा
अमृत विचार लखनऊ: यूपी एसटीएफ ने साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक ऐसे महाठग को गिरफ्तार किया है जिसने पूर्व मंत्री को फोन पर रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देकर लाखो रूपये ठग लिया। इस बारे में पूर्व मंत्री की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के बाद एसटीएफ ने गिरोह के एक सदस्य को दबोच लिया बाकी की तलाश हो रही है। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम मोहम्मद मुज्जामिल पुत्र उम्मेद अली उर्फ लिल्लाह है जोकि कीमागढ़ थाना झिंझाना, शामली जिले का रहने वाला है। एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के पास से दो मल्टीमीडिया मोबाइल और 200 रूपये नगद प्राप्त हुआ है। एसटीएफ एडीजी अमिताभ यश ने बताया कि आरोपी को हुसड़िया चौराहा लखनऊ के पास मंगलवार को पौने चार बजे दिन में गिरफ्तार किया गया है।
इस तरह करता था खेला, ऐसे हुई गिरफ्तारी
एसटीएफ एडीजी ने बताया कि काफी दिनों से मोले-भाले व्यक्तियों के साथ साइबर फ्रॉड (जैसे-क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड पॉइंट को रिडीम कराने जैसी स्कीमों का प्रलोभन देकर) फर्जी खातों में पैसे डलवाने बाले संगठित गिरोह के सक्रिय सदस्यों के सम्बन्ध में सूचनायें प्राप्त हो रही थी। पूर्व कैबिनेट मंत्री के साथ भी रिवार्ड पॉइंट रिडीम करने का झांसा देकर लाखो रूपए की साइबर ठगी की घटना हुई थी। इस घटना के सम्बन्ध में धर्मेश कुमार शाही, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ मुख्यालय की ओर से सूचना जुटाई गई इसमें निरीक्षक अरुण कुमार सिंह और उप निरीक्षक अतुल चतुर्वेदी, सुशील सिंह, आरक्षी राजीव कुमार, साइबर एक्सपर्ट अमन शर्मा चालक कुमदेश ने सहयोग किया और आरोपी की सटीक जानकारी होते ही गिरफ्तार किया गया।
कई अन्य व्यक्तियों को बनाया शिकार
एटीएफ को ये भी जानकारी मिली है कि ठगी करने वाले इस गिरोह में कई और सदस्य भी शामिल हैं जो भोले भाले व्यक्तियों से फोन से प्रभाव में लेकर क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड पॉइंट को रिडीम कराने जैसी स्कीमों का प्रलोभन देकर फर्जी खातों में इंटरनेट के माध्यम से पैसे ट्रांसफर कराने का काम करते हैं। इस संबंध में भी जानकारी जुटाते हुए अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
गिरफ्तार अभियायुक्त ने किया ये खुलासा
गिरफ्तार अभियुक्त ने पूछने पर बताया की हम लोग भोले-भाले व्यक्तियों को विभिन्न स्कीमों जैसे क्रेडिट कार्ड के रिवार्ड पॉइंट को रिडीम कराने जैसी स्कीमों का प्रलोभन देने के लिए मैसेज कराते है। फिर उनको अपने बाती से यकिन दिलाते हुए उनसे अपने फर्जी बैंक खाती में पैसा ट्रान्सफर करा लेते है। इन बैंक खातों को हम लोग फर्जी तौर पर इस्तेमाल करते है। कूटरचित दस्तावेज के आधार पर फर्जी सिम कार्डो के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग व यूपीआई द्वारा अपने एकाउण्ट में ट्रांसफर कर लेते है।
