संतकबीरनगर : बाबा बौधरा स्थल पर संदिग्ध परिस्थितियों में कौवों की बड़ी संख्या में मौत 

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Edited By Amrit Vichar
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जहरखुरानी और बीमारी की जताई जा रही आशंका 

मेंहदावल/ संतकबीरनगर, अमृत विचार। मेंहदावल तहसील के कछार क्षेत्र के अंतिम छोर पर स्थित बौधरा बाबा स्थल पर पेड़ से गिरकर कौवे दम तोड़ रहे हैं। अभी तक दर्जनों कौवे अपनी जान गंवा चुके हैं। इस घटना को लेकर आसपास के लोग सहमे हुए हैं। लोग किसी बड़ी अनहोनी या आपदा की आशंका जता रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ विभाग अभी इस खबर से अंजान बनने का स्वांग रच रहा है। 
       
मेंहदावल के तहसील के भरवलिया-घूरापाली मार्ग पर स्थित हरपुर ग्राम पंचायत की पौराणिक स्थली बौधरा बाबा स्थान पर अलग-अलग पेड़ों पर पिछले दो-तीन दिनों से लगभग दो दर्जन कौवे एक एक कर पेड़ से गिर रहे हैं और कुछ देर छटपटाते हुए दम तोड़ दे रहे हैं। कौवों की इस रहस्यमयी मौत को देख ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। कुछ क्षेत्रीय लोगों ने कहा कि लगता है इलाके में किसी प्रकार की अनहोनी या आपदा आने वाली है।

साथ ही उनका कहना है कि हो सकता है कि किसी के यहां फसल में कीटनाशक मिलाकर रखा गया हो, जिसके खाने से भी मौत हो रही हो।  इन पक्षियों की मौत के पीछे कोई खतरनाक वायरस भी हो सकता है। जिसके कारण अचानक बेहोश होकर पेड़ से गिरने के कुछ देर बाद छटपटा कर कौवों की मौत हो जा रही है।

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वैसे तो मेंहदावल विकासखंड क्षेत्र के ग्राम हरपुर में स्थित ऐतिहासिक धरोहर बाबा बौधरा बाबा स्थान परिसर के कायाकल्प करने को लेकर क्षेत्रीय सांसद प्रवीण निषाद और स्थानीय विधायक अनिल त्रिपाठी से लगायत जिलाधिकारी  महेंद्र सिंह तंवर भी खासे गंभीर हैं। यहां विकास का खाका खींचने को लेकर आए दिन कार्य योजनाएं तैयार हो रहे हैं। कहने को तो जिला प्रशासन यहां पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटक स्थल का निर्माण व अन्य विकास कार्य कराने की तैयारी में है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि सब कुछ होने के बावजूद यह मंदिर परिसर गंदगी की भेंट चढ़ चुकी है। बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में बाबा बौधरा स्थान पर कौआ प्रजाति के पक्षी से लेकर अन्य पक्षियों के मृत अवस्था में मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। मंदिर परिसर से सटे पीपल पेड़ के नीचे आधा दर्जन से अधिक कौवे मरे मिले। वहीं मंदिर परिसर, भवन के आगे-पीछे और खेतों में भारी संख्या में पंक्षी मरे मिले। मंदिर में पूजन अर्चन करने आए श्रद्धालु मृत पक्षियों को देखकर अवाक रह गए। मृत पक्षियों के दुर्गंध से यहां आ रहे लोगों में भारी नाराजगी है। मंदिर से सटे खेतों की रखवाली कर रहे बलिराम और कजली ने बताया कि पक्षियों की लाशों से उठ रही दुर्गंध से यहां रहना मुहाल हो गया है।  

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बखिरा पक्षी विहार में शिकारी नशीली दवाओं से पक्षियों को बेहोश करके उनका शिकार करते हैं। जानकारों की मानें तो नशीली दवाएं बड़े पक्षियों को तो सिर्फ बेहोश करती हैं लेकिन छोटे पक्षियों के लिए ये नशीली गोलियां मौत का सबब बन जाती हैं। उनका कहना था कि शायद इसी वजह से इनकी मौत हो रही है। वही मंदिर परिसर में साफ-सफाई को लेकर स्थानीय लोगों का कहना था कि जब कोई बड़े अधिकारी या नेता का आगमन यहां होता है तो साफ सफाई चकाचक करा दी जाती है। उनके चले जाने के बाद यहां गंदगी फैल जाती है। इन दिनों जहां पूरे देश के मंदिर में साफ-सफाई की व्यवस्थाएं हो रही हैं तो बौधरा बाबा के ऐतिहासिक स्थली पर जिम्मेदारों की निगाह तक नहीं पड़ रही है। लोगों ने बताया कि यह अभियान महज शहरों तक ही सीमित रह गया है। सफाई कर्मियों द्वारा साफ-सफाई न करने से यहां गंदगी फैली हुई है।

पक्षी कैसे मर रहे मुझे नहीं है जानकारी  
पक्षियों की मौत के मामले पर बखिरा पंक्षी विहार की रेंजर प्रीति पांडेय का कहना है कि इस मामले की जानकारी मुझे नहीं है कि पक्षियों की मौत कैसे हो रही है। हो सकता है शिकारियों द्वारा मारे गए हों या जहरीली वस्तु खाने अथवा बीमारी से उनकी मौत हुई हो। टीम को भेज कर जांच कराई जाएगी। इतनी बड़ी संख्या में पक्षियों की मौत होना गम्भीर मामला है। जांच रिपोर्ट आने के बिना मौत की वजह बता पाना सम्भव नहीं है। अत्यधिक ठंड भी पंछियों के मौत की जिम्मेदार हो सकती है।

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