पीलीभीत: खबर का असर... मेडिकल कॉलेज में टूटी खिड़की-दरवाजे की मरम्मत शुरू
पीलीभीत, अमृत विचार: सर्दी के मौसम में मेडिकल कॉलेज के वार्डों और रैन बसेरा में फैली हुई अव्यवस्थाएं को लेकर एक दिन पूर्व अमृत विचार ने प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिसका संज्ञान लेते हुए कार्यवाहक प्राचार्य की ओर से गुरुवार को मेडिकल कॉलेज के वार्ड में टूटे पड़े खिड़की दरवाजे और रैन बसेरा की व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराया जा रहा है। ताकि मरीजों को ठंड में परेशान होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने शीतलहर के बीच अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों को परेशानी न हो, इसलिए कंबल, हीटर ब्लोअर और रैन बसेरा को दुरुस्त कराने के निर्देश दिए थे। मेडिकल कॉलेज में मरीजों को सुविधा नहीं मिल पा रही थी। कई वार्डो में ठंड के मौसम में भी खिड़की दरवाजे और शीशे टूटे पड़े हैं। जिस वजह से वहां भर्ती मरीजों को बर्फीली हवाओं का सामना करना पड़ रहा है।
इस समस्या को लेकर अमृत विचार समाचार पत्र ने पड़ताल करते हुए गुरुवार को प्रकाशित अंक में अस्पतालों में व्यवस्थाएं बदहाल, गलन भरी सर्दी में मरीजों का हाल खराब शीर्षक के साथ प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन हरकत में आ गया। प्राचार्य के निर्देश पर गुरुवार को ही रैन बसेरा के टूटे पड़े दरवाजे को दुरुस्त कराया गया। साथ ही वार्डो में टूटे शीशों को ठीक कराया गया।
इतना ही नहीं मरीजों के लिए कई जगह हीटर ब्लोअर की भी व्यवस्था कराई जा रही है। हालांकि वार्ड में शॉट सर्किट के डर से नहीं लगवाया जा रहा है। स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज को जितने भी कंबल की जरूरत हैं, उतने कंबल उसे तत्काल दें। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. संजीव सक्सेना ने बताया कि अव्यवस्थाओं को ठीक करा दिया गया है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि ठंड संबंधित जितने भी बचाव है। उन्हें पूरा कर लिया जाए।
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