UP: CSJMU के एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन का यूपी के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने किया शुभारंभ, बोले- रामलला के लिए भारत के रोम रोम में उत्सव

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कानपुर के सीएसजेएमयू में एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन किया जा रहा।

कानपुर के सीएसजेएमयू के रानी लक्ष्मीबाई आडिटोरियम में शुक्रवार को तीन दिवसीय एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन किया जा रहा है। यह अधिवेशन महाविद्यालय, विश्वविद्यालय शिक्षकों के अखिल भारतीय संगठन एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन है।

कानपुर, अमृत विचार। सीएसजेएमयू के रानी लक्ष्मीबाई आडिटोरियम में शुक्रवार को तीन दिवसीय एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन किया जा रहा है। यह अधिवेशन महाविद्यालय, विश्वविद्यालय शिक्षकों के अखिल भारतीय संगठन एआईएफयूसीटीओ का वार्षिक अधिवेशन है। जिसमें भारत की कई राज्यों के साथ नेपाल और बांग्लादेश के शिक्षकों ने भी उपस्थिति दर्ज कराई।

इस वार्षिक अधिवेशन में तमिलनाडू से 200, आंध्रप्रदेश से 50, मणिपुर से 70 और केरल से 25 लोग पहुंचे। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक रहे। विशिष्ठ अतिथि एमएलसी अरुण पाठक और कुलपति विनय कुमार पाठक, संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री केशब भट्टाचार्य रहे। अधिवेशन मुख्य उद्देश नई शिक्षा नीति के साथ शिक्षकों की समस्याएं और उनके समाधान पर चर्चा करना है।

इस दौरान अतिथियों के द्वारा एआईएफयूसीटीओ के पूर्व पदाधिकारियों एवं वरिष्ठ शिक्षक नेताओं डॉ. नरेंद्र द्विवेदी एवं घनश्याम सिंह का सम्मान किया गया। इस अवसर पर सम्मेलन की स्मारिका का विमोचन किया गया और मंच से शिक्षकों के लिए स्वास्थ्य बीमा के साथ अन्य योजनाएं चलाए जाने की मांग की गई।

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भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए शिक्षकों के कंधे पर जिम्मेदारी

कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना और दीप प्रज्वलित कर की गई। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बृजेश कुमार पाठक ने कहा कि भारत को विश्व गुरु बनाना है इसके लिए शिक्षकों के कंधे पर बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि गुरुओं का पद हमेशा सर्वोच्च रहा है। भगवान ने भी अपने गुरुओं से शिक्षा प्राप्त कर जीवन की दशा दिशा तय की है।

बृजेश पाठक ने भारत को 5 मिलियन डॉलर इकोनामी बनाने के लिए भी शिक्षकों के सहयोग का आवाहन किया। कहा कि शिक्षकों को तय करना है किस तरह से विभिन्न क्षेत्रों में सफलता हासिल की जाए। विज्ञान के साथ-साथ स्टार्टअप नवाचार और नई शोध आदि के माध्यम से भारत के हाथों को मजबूत बनाना है इसमें शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान है। विश्वविद्यालय की तारीफ करते हुए कहा कि यहां के छात्राओं को वर्ल्ड क्लास की शिक्षा दिल जाने के लिए पूरे प्रयास किया जा रहे हैं। 

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भारत पांचवी बड़ी आर्थिक ताकत  

बृजेश पाठक ने कहा की नई शिक्षा नीति को लागू करने की जिम्मेदारी शिक्षकों के कंधे पर है। यह मोदी सरकार के द्वारा लागू की गई ऐसी शिक्षा नीति है जो रोजगार परक है। इस शिक्षा नीति के कई फायदे हैं। कहां की जिन लोगों ने 200 साल तक हमें गुलामी की जंजीरों में जकड़ कर रखा इस सरकार ने उनको पूछे किया है। आज भारत दुनिया की सबसे बड़ी पांचवी आर्थिक ताकत बनकर उभरा है।

2047 में जब हम भारत माता की आजादी की 100 वीं वर्षगांठ बना रहे होंगे तब तक तारे पायदान पर होंगे। भारत ही नहीं विश्व के बड़े-बड़े अर्थशास्त्रियों का यह कहना है कि वैश्विक पटल पर भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगी। भारत में हर क्षेत्र में तरक्की की है चाहे वह कोई भी क्षेत्र हो, अंतरिक्ष विज्ञान तरक्की और विकास तो अद्धबुत है। जो विकसित देश नहीं कर पाए वो भारत के वैज्ञानिकों ने करके दिखाया है। यह सब मोदी सरकार के द्वारा संभव हो सका है।

पहली सरकार जिसने अपनी योजनाओं को धरातल में उतारा  

उपमुख्यमंत्री ने मोदी सरकार की विकसित भारत संकल्प यात्रा के बारे में जानकारी दी। कहा कि यह पहली सरकार है जो अपनी योजनाओं को धरातल में उतरने के लिए गांव गली घर में जाकर लाभ प्रदान कर रहे हैं। गारंटी योजना आपके घर में पहुंच रही है। यह बदलते भारत की प्रत्यक्ष तस्वीर है। 

रामलला के लिए भारत के रोम रोम में उत्सव

उप मुख्यमंत्री ने राम लाल की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी से उत्सव मनाने का आग्रह किया। कहां की 500 वर्षों बाद ऐसा शुभ मुहूर्त आने वाला है इसके चंद घंटे ही शेष रह गए हैं। राम लाल अपने घर में स्थापित होंगे इसके लिए पूरा देश हफ्तों पहले से कार्यक्रम आयोजित कर रहा है।

पूरे देश के रोम रोम में राम को लेकर उत्साह दिख रहा है। जिसके हम सभी भागीदार बनेंगे यह उत्साह और उमंग का समय है। पूछे गए सवालों पर उपमुख्यमंत्री ने विपक्ष पर कुछ भी बोलने के लिए मना करते हुए कहा कि खुशी के समय अच्छी बातें करना ही उचित है। इस कार्यक्रम के बाद वे अयोध्या चले गए।

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