एक प्रवक्ता और दो कालेजों से वेतन लेने के मामले में टीम ने शुरु की जांच, 24 जनवरी तक दिया गया समय
प्रयागराज, अमृत विचार। एक जगह तैनाती और वेतन दो जगह से लेने के मामले में प्रवक्ता के खिलाफ विभागीय जांच बैठ गई है। इस संबंध में अमृत विचार की ओर से प्रमुखता से मामले को उठाया गया था जिसके बाद विभागीय जांच शुरू हुई है। आरटीआई से मिले एक जवाब में शिक्षकों ने एक ही समय अंतराल के दौरान उच्च और बेसिक शिक्षा दोनों विभागों में लाखों रुपए वेतन दोनों जगह से लिया था। मामले में संसदीय एवं सद्भावना समिति के सभापति ने इस मामले में जांच का आदेश दिया है। मामले में निदेशक द्वारा टीम गठित कर शिकायतकर्ता के बयान दर्ज किये गये है। इतना ही नहीं दोनों जिलो में मैनपुरी और कानपुर के बीएससी से आख्या भी मांगी गयी है। यह मामला वर्ष 2006 से 2014 के बीच बीएड कॉलेज(स्वावित पोषित) से जुड़ा हुआ है।
बता दें कि सपा सरकार मे शिक्षक हित का हवाला देते हुए बीएड पाठ्यक्रम में कार्यरत अर्ह प्रवक्ताओं को वेतन समुदाय खाते से भुगतान का निर्णय लिया गया। इस पर ब्रह्मानंद महाविद्यालय रात हमीरपुर के प्रवक्ता सलिल कुमार तिवारी ने आईटीआई लगाई थी। उस दौरान घालमेल साफ नजर आया। शासकीय नियम के अनुसार कोई भी व्यक्ति दो पदों पर कार्य करते हुए दोनों विभागों से वेतन नहीं ले सकता है, लेकिन 14 प्रवक्ताओं पर उंगली उठी थी। प्रवक्ता सलिल कुमार तिवारी व उनके साथी संसदीय एवं सद्भावना समिति के सभापति आशुतोष सिंह से मुलाक़ात कर आरटीआई व अन्य माध्यमों का हवाला दिया। तूल पकड़ते ही प्रकरण में उच्च शिक्षा निदेशक प्रोफेसर ब्रह्मदेव ने जांच कमेटी गठित कर दी। 24 जनवरी तक इस जांच की रिपोर्ट को शासन के सामने पेश करना है।
सहायक प्रोफेसर बनने पर उठे सवाल
बीएड की डिग्री के बिना ही कोई विश्वविद्यालय या महाविद्यालय में सहायक प्रोफेसर कैसे बन सकता है। नियम कानून ताक पर रख बिना पात्रता के ही नियुक्त कर दी गयी। इसके आलवा यूके एक महाविद्यालय में 2 अगस्त 2003 को डॉक्टर सीमा डॉक्टर रक्षा और डॉ अजय को शिक्षा संकाय में बतौर सहायक प्रोफेसर नियुक्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता सलिल कुमार तिवारी ने आरटीआई मांगी थी। शिकायतकर्ता के मुताबिक शासन में शिकायत के बाद डॉक्टर अजय को इन्हीं नियमों का हवाला देते हुए हटा दिया गया लेकिन जुगाड़ के दम पर डॉक्टर सीमा और डॉक्टर रक्षा गुप्ता की सेवाएं अनवरत जारी हैं। शिकायतकर्ता के दिए गए साक्ष के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षा निदेशक प्रयागराज को निर्देश दिए गये। जिस पर जांच समिति गठित की गई।
वर्जन:-
विभाग द्वारा 28 दिसंबर 2006 के निर्गत अधिनियम के अनुसार ही विनियमितीकरण किया है। अन्य बिंदुओं पर जांच समिति अपना कार्य कर रही है। 24 जनवरी के पहले रिपोर्ट शासन को प्रस्तुत की जाएगी। इससे पहले जांच की जा रही है।
ब्रह्मदेव, निदेशक प्रोफेसर
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