दुबई में 27 जनवरी को होने वाले मुशायरे में कलाम पेश करेंगे रामपुर के ताहिर फराज
भारत के लोकतंत्र के इस जश्न को जिंदा रखने के लिए होता है आयोजन, राष्ट्रीय गीत से होता है मुशायरे और कवि सम्मेलन का आगाज
विश्व प्रसिद्ध शायर ताहिर फराज
रामपुर, अमृत विचार। भारत महोत्सव का विश्व स्तरीय कवि सम्मेलन और मुशायरा 27 जनवरी को रात्रि 8 बजे दुबई के शेख राशिद ऑडिटोरियम में अपनी पुरानी परंपराओं के साथ होगा। मुशायरे में रामपुर के विश्व प्रसिद्ध शायर ताहिर फराज भी अपना कलाम पेश करेंगे। पिछले 22 वर्ष से भारत से हजारों मील दूर साहित्यिक संध्या की नींव 2003 में रखी गई थी।
जश्न-ए-हिंदोस्तान के संस्थापक और मुख्य आयोजक सैयद सलाहुद्दीन ने बताया कि मुशायरा कवि सम्मेलन का एक अलग इतिहास है। भारत के लोकतंत्र के इस जश्न की परंपरा को वो हमेशा जीवित रखना चाहते हैं। उनके अनुसार सैयद सलाहुद्दीन ने कहा कि हम कवि सम्मलेन मुशायरा नहीं करते बल्कि हम अपने देश भारत के संविधान और लाल किले की साहित्यिक परंपराओं का पूरा सम्मान करते हैं।
यह दुनिया का एकमात्र राष्ट्रीय समारोह है, जिसकी शुरुआत भारतीय राष्ट्रीय गीत से होती है। वर्ष 2024 में भारत के कवि सम्मेलन मुशायरे में पूर्व सांसद उदय प्रताप सिंह, अंजुम रहबर, ताहिर फराज, डॉ. कलीम कैसर, प्रो. नैयर जलालपुरी, डॉ. माजिद देवबंदी, अलताफ जिया,राधिका गुप्ता और दमदार बनारसी का नाम शामिल है। अध्यक्षता उदय प्रताप सिंह करेंगे जबकि, निजामत प्रो. नय्यर जलालपुरी करेंगे।
भारत के लोकतंत्र का जश्न कवि सम्मेलन मुशायरा भाषाओं और भारतीय परंपरा के कविता और साहित्य के आदान-प्रदान में एक अनुकरणीय भूमिका निभाता है। सैयद सलाउद्दीन ने बताया कि इस मुशायरा कवि सम्मलेन में 175 पेज की एक पत्रिका का भी विमोचन होगा। जिसमें शायरों के कलाम के अलावा कई ज्ञानवर्धक लेख लिखे गए हैं जो अपने आप में एक मिसाल हैं। भारतीय लोकतंत्र का जश्न मनाने के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में दुनिया भर से जाने-माने लोग हिस्सा लेते हैं।
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