Ram Mandir: राम ज्योति यात्रा में साथियों को नौ दिन काटनी पडी थी जेल, बाबरी मस्जिद विध्वंस और मंदिर उद्घाटन में किया था मजदूरी
राम ज्योति यात्रा में साथियों को नौ दिन काटनी पडी थी जेल।
राम ज्योति यात्रा में साथियों को नौ दिन जेल काटनी पडी थी। बाबरी मस्जिद विध्वंस और मंदिर उद्घाटन में मजदूरी किया था। जेल से रिहाई के बाद कस्बे में जगह-जगह स्वागत हुआ था।
फतेहपुर, किशनपुर, अमृत विचार। वर्ष 1990 में राम ज्योति यात्रा निकाल रहे लोगों में सर्वप्रथम चार साथियों को पुलिस ने जेल भेजा था। जिन्होंने फिर 1992 में बाबरी विध्वंस के समय मंदिर उद्घाटन में जान जोखिम में डालकर मजदूरी भी किया था।
वर्ष 1990 के आसपास प्रदेश में बाबरी मस्जिद को लेकर माहौल गर्म चल रहा था। कार सेवक बाबरी विध्वंस के लिए रणनीति कर रहे थे। तभी अयोध्या से राम ज्योति आई जिसको प्रमुख शहरों की गलियों में समूह के साथ यात्रा निकालकर लोगों को बाबरी विघ्वंस के लिए तैयार किया जा रहा था।
तभी किशनपुर कस्बा के सैकड़ों साथियों ने भी राम ज्योति के साथ कस्बे में यात्रा निकाली। जिसमें कस्बा के रमेश चंद्र अग्रवाल, कृष्ण चंद्र अग्रवाल, रमेश चंद्र शुक्ला और कैलाश चंद्र गुप्ता राम ज्योति को कंधे पर रखे थे, पीछे सैकड़ों की भीड़ जयकारे लगा रही थी। प्रशासन को सूचना लगी तो भारी संख्या में पुलिस पहुंची।
रामदेव समेत चारों साथी जमीन में राम ज्योति रखना या फेंकना धर्म के खिलाफ समझा। इसलिए पुलिस ने उन चारों को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी फतेहपुर की सबसे पहली गिरफ्तारी थी। जिसमें चारों साथियों को न्यायालय ने जेल भेजा था। इसके बाद दसवें दिन चारों साथियों की रिहाई हुई तो किशनपुर कस्बा में जगह-जगह लोगों ने माला पहना कर तिलक किया और अनेक प्रकार से स्वागत कर उत्साह बढ़ाया था।
मंदिर उद्घाटन में फिर किया मजदूरी
रमेश चंद्र अग्रवाल ने बताया कि 1992 में बाबरी विध्वंस के समय हम लोग कारसेवकों की एकता एवं मनोबल के कारण हम चारों साथियों ने कस्बे से 15 से 16 साथियों के साथ ट्रेन द्वारा बाबरी विध्वंश के समय अयोध्या पहुंचे थे। जहां जान जोखिम में डालकर एक तरफ राम मंदिर की नींव भरी जा रही थी। दूसरी तरफ मस्जिद ढहाई जा रही थी। इस निर्माण में हम लोगों ने गिट्टी ढोने का कार्य किया था।
बड़े नेताओं के जेल आने पर मिली थी राहत
कैलाश चंद्र गुप्ता ने बताया कि सबसे पहले हम चारों की गिरफ्तारी हुई थी। जेल में खाना नहीं अच्छा लग रहा था। किशनपुर में गिरफ्तारी के दूसरे दिन हथगांव कस्बा से राम ज्योति यात्रा से तत्कालीन जिला अध्यक्ष अमरनाथ चौरसिया को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था तथा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व गाजीपुर से सांसद रहे महेंद्र नाथ पांडेय को नैनी से फतेहपुर भेजा गया था सबके साथ जेल में रहे।
जेल में भी बनाते थे राम मंदिर निर्माण की योजना
कृष्ण चंद्र अग्रवाल ने बताया कि जब हम लोग गिरफ्तार होकर जेल पहुंचे धीरे-धीरे सैकड़ो की संख्या में कार सेवक जेल में पहुंचे। जहां जिला अध्यक्ष व अन्य कई भाजपा नेताओं व संगठन पदाधिकारी कार्यकर्ताओं द्वारा बाबरी विध्वंस और मंदिर निर्माण पर चर्चाएं योजनाएं बनाई जाती थी।
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