मुरादाबाद: दगा दे गया 112...पति-पत्नी व बेटी को कमरे में बंद कर गए थे बदमाश
डायल करने के बाद भी लगातार व्यस्त बताता रहा
मुरादाबाद, अमृत विचार। हृदयपुर में शनिवार रात में अब्दुल वाहिद के बेटों के घर में घुसने से पहले बदमाशों ने अबरार के घर को निशाना बनाया था। अबरार व इनकी पत्नी और बेटी जासमीन एक कमरे में सो रहे थे। बदमाशों ने इन्हें जगाकर अबरार को भी मारा और घर में रखे 10,000 रुपये, जेवर व मोबाइल लूट लिया था। फिर तीनों को एक कमरे में बंद कर दिया था। काफी देर बाद जब अबरार ने मुहल्ले के लोगों की आहट सुनी तो चिल्लाकर शोर मचाया। पड़ोस में रहने वाली आमना किसी तरह से उनके घर गई और उनके कमरे का बाहर से दरवाजा खोला था।
उधर, अब्दुल वाहिद के छोटे बेटे शाहरुख ने बताया कि पुलिस की मदद के लिए उनका तेहरा भाई अजर बार-बार यूपी डॉयल-112 पर फोन मिला रहा था लेकिन, वह भी दगा दे गया और लगातार व्यस्त बताता रहा। ऐसे में उसने 1076 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। फिर करीब दो बजे रात में पुलिस आई थी।
बदमाशों के पास थी बंदूक, राइफल और चापड़
शाहरुख ने बताया कि उसे बदमाशों ने लोहे के चापड़ से मारा है। उनके हाथों में बंदूक-राइफलें भी थीं। उसके कुंदे से उस पर कई प्रहार किए हैं। उसके पूरे शरीर में चोट है। उसने बताया कि सशस्त्र बदमाशों ने उसके घर में रहते हुए तीन फायर किए थे। इनमें दो फायर उनके दोनों भाइयों पर किए थे। जिनमें वे घायल हुए हैं। रविवार दोपहर एक बजे शाहरुख भाई रिजवान को ब्लड देने टीएमयू अस्पताल पहुंचा था।
तीनों भाइयों से फोन छीनकर फेंक दिए थे
शाहरुख ने बताया कि उनके भाई गुलफाम के पास स्मार्ट फोन थे, जिन्हें बदमाशों ने छीनकर घर के बाहर फेंक दिया था। फिर रिजवान द्वारा कमरे का दरवाजा खोलने पर उनका भी फोन छीनकर फेंक दिया था। उसने बताया कि गनीमत रही कि उनके अब्बू अब्दुल वाहिद और अम्मा फूलजहां दूसरे घर में थे। इनके साथ भाई इरफान और उनकी पत्नी समर जहां व फुरकान व इनकी पत्नी सीमा और बच्चे भी थे। ये लोग दूसरे घर में होने के चलते बच गए।
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