बरेली: शहर में सक्रिय टप्पेबाज गिरोह, मिनटों में कर देते हैं हाथ साफ... आप भी हो जाएं सतर्क

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। शहर में टप्पेबाजी से लेकर गाड़ियों से चोरी करने वाले किशोरों का गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह मौका लगते ही गाड़ियो में रखे सामान से हाथ साफ कर देता है। उसके बाद फरार हो जाता है। अगर पकड़े भी जाते हैं तो उससे पहले यह सामान अपने साथी को दे चुके होते हैं और पकड़ने वाले को इन्हें छोड़ना पड़ जाता है।

यहां तक की यह लोग कार मालीक को अपनी बातों में फंसाकर उसकी कार से आखों के सामने ही उसके समझने से पहले सामान उड़ा लेते हैं। शहर में यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है। चौकी चौराहे से लेकर डीडीपुरम तक इस गिरोह ने काफी 
घटनाओं को अंजाम दिया है। 

आसपास रहते है गिरोह के अन्य सदस्य 
टप्पेबाज गिरोह में मुख्य किरदार किशोरों का रहता है। वह लोग घटना को अंजाम देने के बाद पार किया माल अपने साथ के लोगों को सौंप देते हैं। उसके बाद जब इनका शिकार हुआ पीड़ित इनकी तलाशी लेता है तो उसके पास पार किया हुआ सामान ही नहीं होता है। ज्यादा जोर देने पर गिरोह के अन्य सदस्य उस आदमी से भीड़ जाते हैं और किशोर को इसका फायदा मिल जाता है। पुलिस भी सबूत के अभाव में इन किशोरों को छोड़ देती है। इस गिरोह में किशोर के परिवार के सदस्य भी शामिल होते हैं। जो इन किशोरों के आसपास रहते हैं।  

जानकारों के मुताबिक नशे की लत किशोरों को अपराधी बना रही है। किशोर जल्दी अमीर होने और चकाचौंध भरी जीवनशैली के लिए कम उम्र में अपराध कर रहे हैं। कुछ किशोर दोस्तों के साथ गैंग बनाकर अपराध कर रहे हैं। कुछ मामलों में यह भी देखने में आया है कि बड़े अपराधी बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं।

कुछ साल पहले इज्जतनगर में इस तरह का मामला सामने आया था। इसमें मां पर आरोप लगा था कि वह अपने बेटे से चोरी करवाती थी। चौकी चौराहे के पास रहने वाले परिवार के बच्चे भी इस गिरोह में शामिल हैं। जो रास्ते में भीख मांगने का काम करते हैं और मौका लगते ही घटना को अंजाम देने के बाद फरार हो जाते हैं। 

कार में तेल टपकने की बात कहकर करते है माल साफ
किशोर गैंग गिरोह कार वालों का अपना आसान शिकार बनाते हैं। वह लोग कार चालक से कहते है कि कार से तेल रिस रहा है। जैसे ही कार वाला कार से उतर कर देखता है। गिरोह के सदस्य माल पर हाथ साफ कर गायब हो जाते हैं। कार वाले को इसका अहसास होता है, बताने वाला गायब होता है। 

तत्कालीन डीएम ने दिया था कार्यवाही का आश्वासन 
शहर में तत्कालीन डीएम नीतिश कुमार ने ऐसे बच्चों को पकड़ कर बाल सुधार ग्रह में भेजने के साथ उनकी पढ़ाई कराने का आश्वासन दिया था। साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि इस तरह का कृत्य कराने वाले परिवार पर भी कार्यवाही की जाएगी। उनके जाने के बाद सारा मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

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