स्वास्थ्य विभाग में 50 चीफ फार्मासिस्ट बनेंगे प्रभारी और 200 बनेंगे चीफ प्रभारी

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करीब 300 फार्मासिस्टों की डीपीसी संपन्न, सूची की गोपनीयता बरकरार

राज्य ब्यूरो/लखनऊ, अमृत विचार। जल्द ही सरकारी अस्पतालों व मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालयों में रिक्त चल रहे 50 प्रभारी फार्मासिस्ट व 200 चीफ फार्मासिस्ट के पद भर जाएंगे। इसके लिए विभागीय पदोन्न्ति कमेटी(डीपीसी) की एक बैठक मंगलवार को संपन्न हो चुकी हैं, दूसरी बैठक 30 जनवरी को प्रस्तावित है, जिसके बाद पदोन्नति पाए फार्मासिस्टों की सूची जारी की जाएगी।

स्वास्थ्य विभाग में 7500 फार्मासिस्टों के कैडर में प्रभारी फार्मासिस्ट के 85 पदों में 55 रिक्त हैं, और चीफ फार्मासिस्ट के 1500 पदों में करीब 500 रिक्त चल रहें हैं। मगर ये सभी नहीं भरे जाएंगे। इन पदों के सापेक्ष स्वास्थ्य महानिदेशालय को करीब 300 फार्मासिस्टों की वार्षिक गोपनीय प्रवृष्टियां (एसीआर) भेजी गईं हैं। डीपीसी की बैठक में इन्हीं फार्मासिस्टों के नामों पर चर्चा की गई है। विभिन्न जिलों से हर एक फार्मासिस्ट की भेजी गई प्रवृष्टियों को लेकर बैठक में चर्चा की गई। कितनों को प्रोन्नति मिलती है, अगली डीपीसी बैठक में तय होगा।

डीपीसी में कई फार्मासिस्टों की सेवा संबन्धित संपूर्ण जानकारी नहीं भेजी गई थी, किसी में सेवाएं की तारतम्यता नहीं, किसी के नाम में त्रुटि थी। त्रुटियों की संख्या अत्यधिक थी, इसलिए जिलों से दोबारा संशोधित प्रवृष्टियां तलब करते हुए अगली बैठक 30 जनवरी को अगली बैठक बुलाई गई है। जिनमें मानकनुरूप फार्मासिस्टों को पदोन्नति दे दी जाएगी.., डॉ.ब्रजेश राठौर, स्वास्थ्य महानिदेशक।

संयुक्त निदेशक व ओएसडी भी होंगे नियुक्त

स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट कैडर में संयुक्त निदेशक का पद रिक्त है, इस पद पर वर्तमान विशेष कार्यकारी फार्मासिस्ट(ओएसडी) की नियुक्ति होनी है। संयुक्त निदेशक पर तैनाती होने के बाद ओएसडी का पद रिक्त हो जाएगा, इसलिए ओएसडी की नियुक्ति के लिए शासन में 29 जनवरी को बैठक प्रस्तावित है। ओएसडी पद पर नियुक्ति के लिए पांच प्रभारी फार्मासिस्टों के नाम शासन में भेजे गए हैं।

विभाग में करीब 500 चीफ फार्मासिस्ट के पद रिक्त हैं, मगर संभवता 200 पदों पर प्रोन्नति दी जा रही है। महानिदेशालय को रिक्त पदों की सही जानकारी नही मिलती है, जिसकी वजह से सभी पद नहीं भर जा रहें हैं। जिलों से आने वाली सूचनाओं के आधार पर प्रोन्नति दी जाती है। जबकि कुल पद में तैनाती के पद हटाकर शेष रिक्त पदों पर प्रोन्नति प्रदान करनी चाहिये..,
सुनील यादव, अध्यक्ष फार्मासिस्ट फेडरेशन उप्र।

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