बिजनौर: कारतूसों का हिसाब नहीं दे सके शस्त्र धारक, 400 लाइसेंस धारकों को नोटिस
बिजनौर, अमृत विचार। जिले में शस्त्र सत्यापन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। कुछ शस्त्र लाइसेंस धारक यह नहीं बता सके कि उन्होंने कारतूसों का इस्तेमाल कहां किया है। पुलिस ने ऐसे 400 लाइसेंस धारकों को नोटिस भेजा है। इसके बाद उनके लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
बिजनौर जनपद में करीब 13,000 बंदूक, पिस्टल आदि के लाइसेंस है। एसपी नीरज कुमार जादौन के निर्देश पर पुलिस शस्त्र लाइसेंस और कारतूसों के हिसाब किताब का सत्यापन करा रही है। इस दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं कि कुछ लाइसेंस धारक कारतूसों का हिसाब-किताब नहीं दे पाए। बताया जाता है कि हर्ष फायरिंग व जंगली जानवरों को भगाने के लिए फायरिंग की जा रही है।
इसमें कारतूसों को खर्च किया जा रहा है। पुलिस अधिकारियों की माने तो शस्त्र लाइसेंस धारकों को कारतूसों का हिसाब-किताब तब से देना होगा जब से उन्होंने लाइसेंस लिया है। ऐसे में पुराने लाइसेंस धारक भी अपना डाटा एकत्र करने में जुटे हैं। सत्यापन के दौरान अब तक ऐसे करीब 400 लाइसेंस धारकों को नोटिस भेजा गया है, जो कारतूसों का हिसाब-किताब नहीं दे पाए हैं। अपर पुलिस अधीक्षक नगर संजीव कुमार बाजपेयी के मुताबिक कारतूसों का हिसाब नहीं देने वालों को नोटिस भेजा गया है। ऐसे शस्त्र लाइसेसों के निरस्तीकरण के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भी भेजी जाएगी।
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