बहराइच: वारसी फुकरा ने अध्यक्ष को पहनाया चांदी का मुकुट, कहा- अच्छी व्यवस्था के लिए आपका शुक्रिया

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सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर उर्स में पहुंच रहे जायरीन

बहराइच, अमृत विचार। हजरत सैय्यद सालार मसूद गाजी (रह.) के उर्स रजब के मौके पर आये वारसी फुकरा के संगठन ने दरगाह प्रबन्ध समिति के अध्यक्ष सैय्यद शमशाद अहमद एडवोकेट के नेतृत्व में हुए विकास कार्यों से प्रभावित हो कर उन्हें चांदी का मुकुट पहनाकर सम्मानित किया। कहा कि यहां की व्यवस्था के लिये कई प्रशासक, पैनल आदि की समितियां देखी हैं। मगर जो विकास कार्य इनके द्ववारा दरगाह में कराए गये तथा आने वाले जायरीन ( श्रद्धालुओं ) को सहूलियतें मिली उसकी मिसाल मिलना मुश्किल है।

शहर के दरगाह में स्थित सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर उर्स कार्यक्रम चल रहा है। उर्स में मुम्बई, वाराणसी, गोरखपुर, इलाहाबाद, नेपाल से आये किन्नरों और वारसी फुकरा ने बिस्मिल्लाह शाह वारसी उर्फ गुड़िया नेपाली के नेतृत्व में दरगाह स्थित डेरे पर आयोजित (महफिले समा) कव्वाली के प्रोग्राम के उपरांत सभी लोग एक जूलूस की शक्ल में जिसमें क़व्वाल आगे आगे अपना कलाम पढ़ते हुए चल रहे थे और दो बड़ी थालियों में फूलों का ताज और चांदी का मुकु सजाए वारसी फुकरा या वारिस हक़ वारिस और ग़ाज़ी का दामन नही छोड़ेंगे जैसे नारे लगाते सभी दफ्तर दरगाह पहुंचे और नाल दरवाजा के सामने प्रबन्ध समिति के सदस्यों,खुद्दाम,कर्मचारियों और हजारों श्रद्धालुओं की उपस्तिथि में बाबा मासूम शाह वारसी क्षेत्रीय समिति के सचिव बिस्मिल्लाह शाह वारसी उर्फ गुड़िया नेपाली ने प्रबन्ध समिति अध्यक्ष सै. शमशाद अहमद एडवोकेट के सर पर फूलों का ताज सजाते हुवे उस पर चांदी का मुकुट रख गले मे पीला अचला और खूबसूरत फूलों की डाल उन्हें सम्मानित किया साथ ही उनपर हजारों रुपये न्युछावर किये।

इस अवसर पर वारसी फुकरा ने प्रबन्ध समिति के सदस्य दिलशाद अहमद एडवोकेट,हाजी अज़मत उल्ला,अब्दुल रहमान "बच्चे भारती " मकसूद अहमद रायनी और अधिवक्ता हाई कोर्ट सैय्यद अकरम आज़ाद, डा. कासिफ, अज़हर अबसार, मो.  आरिफ, अदनान रहमान,इलियास अली शब्बू , सैय्यद आरिफ के गले मे पीला अचला डाल सम्मान दिया।

सैय्यद शमशाद को सम्मानित किये जाने के दौरान गुड़िया बाबा के साथ  किन्नर चंदा वारसी वाराणसी, सलमा नायक, चांदनी, पूनम मुम्बई, सुनीता वारसी राजस्थान, जीनत कानपुर, राजा नेपाल, रानी, रोशन तारा वारसी, सना खान वारसी, निज़ाम शाह वारसी प्रयागराज, गब्बर शाह वारसी गोरखपुर, अनीस छोटी तकिया, भण्डारी उर्फ पैगाम ए वारिस,शकील,चुनना श्रावस्ती के अलावा सैकड़ों की संख्या में बहराइच व अन्य जनपदों से आय वारसी फकीर उपस्थित रहे।

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