गोंडा: ₹4 हजार नहीं दिया तो थाने में बंद कर जिंदगी बर्बाद कर दूंगा..., पीड़ित को धमकी दे रहा था सिपाही, SP ने किया सस्पेंड
गोंडा। धानेपुर थाने पर तैनात एक हेड कांस्टेबल को रिश्वतखोरी के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने शनिवार को निलंबित कर दिया है। आरोप है कि हेड कांस्टेबल ने पति-पत्नी के बीच हुए विवाद और फिर सुलह के बाद ₹2000 रिश्वत की मांग की। सिपाही ने पीड़ित से ₹1000 थाने के प्राइवेट भंडारी के मोबाइल नंबर पर गूगल पे करा लिया। इसके बाद और चार हजार रुपये की डिमांड की। पीड़ित ने असमर्थता जतायी तो उसे धमकाया। कहा रुपये नहीं दिए तो थाने में बंद कर जिंदगी बर्बाद कर दूंगा। परेशान पीडित ने एसपी से मिलकर इसकी शिकायत की थी।
धानेपुर थाना क्षेत्र के बल्दूपुरवा गांव के रहने वाले प्रेम प्रकाश के मुताबिक उसके बड़े भाई अमरजीत का अपनी पत्नी से कुछ विवाद हो गया था। इस विवाद के चलते अमरजीत की पत्नी ने परिवार के कई सदस्यों पर दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज करा दिया था, लेकिन बाद में दोनों के बीच सुलह समझौता हो गया। प्रेम प्रकाश का कहना है कि मुकदमे में सुलह होने की जानकारी मिलने पर हलका सिपाही हेड कांस्टेबल अविनेश कुमार पांडेय ने उसे थाने बुलाया और उससे दो हजार रुपये की मांग की।
पीडित का कहना है कि रुपये के लिए सिपाही ने उसे दिन भर थाने पर बैठा रखा और उसे थाने के प्राइवेट भंडारी सरोज आजाद का मोबाइल नंबर देकर कहा कि फिलहाल तुम इस पर एक हजार रुपये का भुगतान कराओ। पीड़ित ने शाम तक किसी तरह से एक हजार रुपये का बंदोबस्त कर सरोज आजाद के खाते में उससे गूगल पे कर दिया। इसके बाद सिपाही अविनेश ने उससे और चार हजार रुपये की मांग की। उसने रुपये देने में असमर्थता जतायी तो धमकी दी और कहा कि भुगतान नहीं किया तो थाने में बंद कर जिंदगी बर्बाद कर दूंगा।
सिपाही के चंगुल से मुक्त होने के बाद पीड़ित ने एसपी विनीत जायसवाल से मिलकर पूरी घटना बताई। एसपी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच करायी तो आरोप सही पाया गया। शनिवार को एसपी ने आरोपी हेड कांस्टेबल अविनेश कुमार पांडेय को निलंबित कर दिया है।
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