मुरादाबाद: ऑटम फेयर में चमक बिखेरेंगे 14 सौ निर्यातकों के उत्पाद
मुरादाबाद,अमृत विचार। ऑटम फेयर में चमक बिखेरने को 14 सौ निर्यातकों के उत्पाद तैयार हैं। तरह तरह के अदभुत डिजाइन के साथ पीतल की चमक डिजिटल के माध्यम से अमेरिका सहित कई देशों तक पहुंच सकेगी। निर्यातक उत्पादों को जल्द तैयार करवाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। उनकी फैक्ट्री में तो उत्पाद की तैयारियों …
मुरादाबाद,अमृत विचार। ऑटम फेयर में चमक बिखेरने को 14 सौ निर्यातकों के उत्पाद तैयार हैं। तरह तरह के अदभुत डिजाइन के साथ पीतल की चमक डिजिटल के माध्यम से अमेरिका सहित कई देशों तक पहुंच सकेगी। निर्यातक उत्पादों को जल्द तैयार करवाने की जद्दोजहद में जुट गए हैं। उनकी फैक्ट्री में तो उत्पाद की तैयारियों पर काम तेज हो ही गया है, दस्तकारों के हाथ भी तरह तरह की कला का प्रदर्शन कर अपने हुनर को साबित करने की कोशिश में जुटे हुए हैं। चार से नौ नवंबर तक होने वाले इस फेयर में मुरादाबादी उत्पाद धूम मचाने को तैयार हैं।
वर्ष 2020 निर्यात के लिए भी काला साबित रहा है। कारोबार गिरगर साठ फीसद तक पहुंच गया। लाकडाउन के तीन महीने कारोबार तो पूरी तरह बंद हुआ ही, साथ ही इस साल होने वाले फेयर पर भी कोरोना का ग्रहण लग गया। देश में होने वाला स्प्रिंग फेयर रद्द करना पड़ा। इससे निर्यातकों की जो योजना और उम्मीद थी, सब पर पानी फिर गया। हालांकि ईपीसीएच द्वारा दुनिया का पहला वुर्चअल फेयर ने निर्यातकों में कुछ हलचल की।
एक बार फिर भौतिक नहीं पर डिजिटली रौनक लौटती दिखी। निर्यात भी हुआ, उतना नहीं, पर कुछ राहत निर्यातकों को मिली। उसके बाद देश में होने वाले साल के दूसरे फेयर ऑटम को लेकर मंथन शुरू हुआ। कहीं यह फेयर भी कोरोना की भेंट न चढ़ जाए, इसपर निर्यातकों ने ईपीसीएच के अधिकारियों के साथ चिंतन किया। सर्वे हुआ और फिर इस फेयर को भौतिक न कर वर्चुअल करने का फैसला लिया गया। नवंबर में छह दिवसीय इस फेयर में ज्यादा से ज्यादा निर्यातक जुड़ने के प्रयास में जुटे हुए हैं।
निर्यातकों ने मांगी पंजीकरण की मोहलत
ऑटम फेयर में भाग लेने के लिए चौदह सौ निर्यातकों ने भले ही पंजीकरण करा दिया हो, लेकिन अभी भी कई निर्यातक इस रजिस्ट्रेशन से चूक गए हैं। इन निर्यातकों ने ईपीसीएच से पंजीकरण की तिथि बढ़ाने की अपील की है। ईपीसीएच ने भी आवेदन आने पर इसपर फैसला लेने का आश्वासन दिया है।
पहली बार नवंबर में वर्चुअल होगा ऑटम फेयर
मेगा ऑटम फेयर सालों से अक्टूबर महीने में आयोजित होता था। भौतिक रूप से इस फेयर को ग्रेटर नोएडा एक्सपो मार्ट में किया जाता था। निर्यातक अपने प्रोडक्ट की एक प्रदर्शनी रूप में स्टॉल तैयार करते थे। अलग-अलग चेंबरों में अलग-अलग जनपदों से आए निर्यातक स्टॉल के साथ मौजूद रहते थे। देश और विदेश भर से आए बायर्स स्टॉल पर जाकर प्रोडक्ट पसंद करते थे और उसका आर्डर देते थे। उसके बाद इन आर्डर पर माल तैयार कर उसे निर्यात करने की तैयार की जाती थी। लेकिन इस बार थोड़ी चुनौती है, मार्केटिंग की कला निर्यातकों को इसमें मदद करेगी। अक्टूबर में होने वाला यह फेयर पहली बार नवंबर में हो रहा है और पहली बार ही इसे वर्चुअली किया जा रहा है।
वर्चुअल फार्मूले ने बढ़ा दिया निर्यातकों का हौसला
कारोना काल में भौतिक प्रदर्शनियों पर ब्रेक लगा तो निर्यातकों की मायूसी साफ देखी जा रही थी। चेहरे लटके हुए थे और फिर ईपीसीएच की वर्चुअल फार्मूले ने निर्यातकों की मायूसी को कुछ कम किया। एक बार वर्चुअल फेयर का अनुभव ले चुके निर्यातकों के लिए यह दूसरा अनुभव होगा।
राकेश कुमार, महा निदेशक, ईपीसीएच ने बताया कि मेगा ऑटम फेयर चार से नौ नवंबर तक आयोजित होगा। इसे वर्चुअल रूप में किया जा रहा है। निर्यातकों में भी काफी उत्साह देखा जा रहा है। रजिस्ट्रेशन का समय पूरा हो गया है, फिर भी आवेदन मिलते हैं तो इसपर विचार किया जाएगा। हमारी भी कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा निर्यातक इस फेयर के माध्यम से बायर्स से जुड़ें और कारोबार बढ़े।
