बरेली: जिले में कोरोना से एक और मौत, 102 लोग संक्रमित

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। जिले में शुक्रवार को कोरोना से एक और मौत हो गई। इस मौत के बाद जिले में मौतों का आंकड़ा कुल 139 पहुंच गया है। वहीं, एक दिन में 102 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसमें 51 लोग एंटीजन और ट्रूनॉट से और 51 लोग आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में …

बरेली, अमृत विचार। जिले में शुक्रवार को कोरोना से एक और मौत हो गई। इस मौत के बाद जिले में मौतों का आंकड़ा कुल 139 पहुंच गया है। वहीं, एक दिन में 102 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। इसमें 51 लोग एंटीजन और ट्रूनॉट से और 51 लोग आईवीआरआई से मिली रिपोर्ट में संक्रमित पाए गए हैं।

एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि शुक्रवार को बरेली के रहने वाले सुधीर सक्सेना की कोरोना संक्रमण की वजह मौत हो गई। इनकी मौत की जानकारी पोर्टल के माध्यम से मिली थी। हालांकि, बरेली में यह किस जगह के निवासी थी इस बात की जानकारी स्वास्थ्य विभाग के पास फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सकी है। संक्रमितों में ग्रेटर ग्रीन पार्क कॉलोनी में रहने वाले एक ही परिवार के तीन लोगों में संक्रमण पाया गया है, साथ ही जिले में दो मासूमों में भी कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।

इन इलाकों के मिले संक्रमित
संक्रमितों में शेरगढ़ के बसई, पड़ेढा, मढ़ीनाथ, सुभाष नगर, रामपुर गार्डन, काली बाड़ी, सिठौरा, मिशन कम्पाउंड, पवन विहार, ग्रेटर ग्रीन कॉलोनी, चाहबाई, साउथ सिटी, बड़ा बाजार, जनकपुरी, कर्मचारी नगर, गांधी नगर, राधेश्याम इन्क्लेव, सिविल लाइंस, अखा, कैंट, नाथपुर, शिवपुरी, फतेहगंज, राजेंद्र नगर, वीर सावरकर नगर, लखीमपुर, समेत अन्य तमाम इलाके शामिल हैं।

कोरोना से मौत पर नोडल अधिकारी ने मांगा स्पष्टीकरण
नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने शुक्रवार को फिर से कोरोना से हुई मौतों की समीझा की। उन्होंने आंवला के प्रेमशंकर वर्मा की मौत की समीक्षा करते हुए कहा कि बताया गया था कि भर्ती होने से कई दिन पहले प्रेमशंकर की तबीयत खराब चल रही थी। 22 सितंबर को पॉजिटिव आने के बाद उन्हें जिले के कोविड एल-2 अस्पताल में भर्ती किया गया। यहां करीब आठ दिन इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। इस पर नोडल अधिकारी ने पूछा कि यदि तबीयत कई दिनों से खराब थी तो सर्वेक्षण टीम क्या कर रही थी। उस क्षेत्र की सर्वेक्षण टीम से इस बारे में जानकारी ली जाए कि क्या उन्हें प्रेमशंकर की खराब तबीयत की जानकारी थी या नहीं। अस्पताल पहुंचने पर उनका आक्सीजन प्रतिशत 68 था जो कि बेहद कम था। पता चला कि उन्हें रेमडेसिवीर नहीं दिया गया। संभावना जताई कि अगर उन्हें रेमडेसिवीर मिलती तो उनकी जान बच सकती थी। नोडल अधिकारी ने जिला प्रशासन को कोविड एल-2 अस्पताल से स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।

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