PM मोदी ने संसद में कांग्रेस पर बोला हमला, कहा- सत्ता के लिए लोकतंत्र का गला घोंटा...

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नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के बजट सत्र की शुरुआत में अभिभाषण दिया था, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला।  कहा कि कांग्रेस ने सत्ता के लिए लोकतंत्र का गला घोंटा और लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित सरकारों को बर्खास्त किया।

कांग्रेस पर चौतरफा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र पर हमला करने वाली तथा आतंकवाद और अलगाववाद को अपने हित में देश में पनपने देने वाली कांग्रेस की सोच पुरानी पड़ गयी है और यह हैरानी की बात है कि वह मात्र दस वर्षों में देश को पांचवीं बडी अर्थव्यवस्था बनाने वाले मोदी की गारंटी पर सवाल उठा रही है। 

मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए आज राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिाकार्जुन खड़गे को आडे हाथों लेते हुए कहा कि अपने भाषण में खड़गे ने करीब डेढ घंटे तक उनपर जुल्म ढहाने में कसर नहीं छोड़ी। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह इस दौरान सदन में बैठे उनका भाषण सुन रहे थे, लेकिन उन्होंने मर्यादा तथा संयम नहीं तोड़ा। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि उस दिन खड़गे ने “दो कमांडो” के न होने का पूरा फायदा उठाया। मोदी ने कहा कि उन्हें हैरानी थी कि देश पर इतने लंबे समय तक अपने शासन में लोकतंत्र की धज्जियां उडाने वाली कांग्रेस के नेता इतना उपदेश कैसे दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि खड़गे ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को लोकसभा चुनाव में ‘400 सीटों का आशीर्वाद’ दिया है और इसके लिए वह उन्हें धन्यवाद देते हैं। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस संबंध में वह भी एक प्रार्थना करते हैं कि कांग्रेस लोकसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल से आई चुनौती को पार करने में सफल हो और 40 से अधिक सीट हासिल करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष को कहने का और सत्ता पक्ष को सुनने का अधिकार है लेकिन उस दिन खड़गे का भाषण सुनकर हमारा विश्वास पक्का हो गया है कि कांग्रेस पार्टी सोच से भी आउटडेटिड हो गयी है और उन्होंने अपना काम भी आउटसोर्स कर दिया है। 

उन्होंने कहा कि इतने दिनों तक देश पर राज करने वाले दल का इतना पतन देखकर हमारी उनके प्रति संवेदनाएं हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि अपने शासनकाल में कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंट दिया और चुनी हुई सरकारों को रातों रात गिरा दिया। आपातकाल के दौरान सभी मर्यादाओं को तार-तार कर मीडिया पर अंकुश लगाया। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने देश को तोड़ने के नये नरेटिव गढे और अब उत्तर तथा दक्षिण को तोडने के बयान दिये जा रहे हैं और अब यह पार्टी हमें लोकतंत्र और आदर्शवाद पर उपदेश दे रही है। उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस ने आतंकवाद और अलगाववाद को अपने हित में पनपने दिया, नक्सलवाद एक चुनौती बनने दिया, बहुत बडी जमीन दुश्मनों के हवाले कर दी, सेनाओं का आधुनिकीकरण रोक दिया वह कांग्रेस आज हमें का पाठ पढा रही है। 

उन्होंने कहा कि जो कांग्र्रेस देश में राष्ट्रीयकरण और निजीकरण में ही उलझी रही, जो दस वर्ष में देश की अर्थव्यवस्था को 12 से 11 वें नम्बर पर ला सकी वहीं कांग्रेस दस साल में देश की अर्थव्यवस्था को पांचवें नंबर पर लाने वाली मोदी सरकार को आर्थिक नीतियों पर भाषण सुना रही है। उन्होंने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) और सामान्य वर्ग के गरीब लोगों को आरक्षण से वंचित रखने वाली कांग्रेस ने बाबा साहब को नहीं बल्कि अपने ही परिवार के लोगों को भारत रत्न दिया। 

उन्होंने कहा कि जिस पार्टी की अपनी नीति की कोई गांरटी नहीं है वाे मोदी की गारंटी पर सवाल उठा रहे हैं। मोदी ने कहा , “देश की जनता में इनके दस वर्ष के कार्यकाल पर इतना गुस्सा क्यों है। यह गुस्सा हमारे कारण नहीं है, यह गुस्सा इनके कर्मों का फल है।” 

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