Bareilly News: गाय के बाद भेड़ और पोनी को भी पंजीकृत करेगा आईवीआरआई
रुहेलखंड में बरेली, बदायूं, पीलीभीत के आठ ब्लॉकों और 54 गावों में 312 गायों का किया जा चुका वर्गीकरण
बरेली, अमृत विचार। जल्द ही भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान के विशेषज्ञों द्वारा रुहेलखंड क्षेत्र में भेड़ व पोनी का भी वर्गीकरण कर पंजीकृत किया जाएगा। आईवीआरआई द्वारा यह काम एनबीएजीआर करनाल के सहयोग से किया जाएगा। इस संबंध में सोमवार को बैठक में आईवीआरआई के निदेशक व कुलपति डा. त्रिवेणी दत्त ने बताया कि पहले गाय पर जोर दिया गया था। अब भेड़ व पोनी को भी शामिल किया गया है। वैज्ञानिकों की एक टीम इस प्रोजेक्ट पर जल्द काम शुरु करेगी।
नेशनल ब्यूरो ऑफ एनिमल जेनेटिक रिसोर्सेज (एनबीएजीआर) करनाल के निदेशक डा. बीपी मिश्रा ने बताया कि पशुधन का पंजीकरण कराना बहुत अनिवार्य है। पशुओं का वर्गीकरण कर पंजीकृत करने से उस प्रजाति को संरक्षित किया जा सकता है। इससे उसके उत्पादों को प्रसिद्ध किया जा सकता है। ऐसा करने से उस पशु का मूल्य बढ़ जायेगा। अभी देश के 54 प्रतिशत पशुधन को पंजीकृत करने की आवश्यकता है।
परियोजना के प्रधान अन्वेषक डा. अनुज चौहान ने बताया कि मंडल में बरेली, बदायूं तथा पीलीभीत जिले के 8 ब्लाक, 54 गावों में 312 गायों का वर्गीकरण किया जा चुका है। संस्थान का लक्ष्य जल्द ही 500 से अधिक गायों का वर्गीकरण करने का है। इसके अतिरिक्त भेड़ तथा पोनी के वर्गीकरण का कार्य भी चल रहा है प्रोजेक्ट में संयुक्त निदेशक प्रसार शिक्षा डा. रूपसी तिवारी, डा. बृजेश कुमार, डा. अमित कुमार तथा डा. अयोन तरफदार शामिल हैं।
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