छपिया गोलीकांड : हत्यारोपी के घर पुलिस का पहरा, गांव में अब भी दहशत-पसरा सन्नाटा
मसकनवा/ गोंडा, अमृत विचार। छपिया थाना क्षेत्र के महुलीखोरी गांव के मजरे पांडेयपुरवा में बुधवार को सन्नाटा पसरा रहा। मंगलवार को हुई गोलीबारी के बाद गांव के लोग सहमे है। इस वारदात के बाद गांव में पुलिस फोर्स कैंप रही है और हत्यारोपी के घर पर भी पुलिस का पहरा लगा दिया गया है। वहीं पीडित बाबूराम जायसवाल के घर पर बुधवार को भी मातम छाया रहा। परिवार के सदस्य अब भी दहशत में हैं। मंगलवार की घटना याद कर वह सिहर उठते हैं। अस्पताल में भर्ती परिजनों के स्वास्थ्य को लेकर परिजन चिंतित दिखे।
छपिया थाना क्षेत्र के महुलीखोरी गांव के मजरे पांडेयपुरवा के रहने वाले बाबूराम के बेटे अमनदीप की मंगलवार को शादी थी। शाम को बारात जानी थी। परिवार और रिश्तेदार बारात जाने की तैयारी में जुटे थे। इसी बीच गली में टिन शेड लगाए जाने से नाराज गांव के एक सिरफिरे फौजी सीताराम यादव उर्फ गब्बर ने बाबूराम जायसवाल के घर पर चढ़कर ताबड़तोड़ गोलीबारी करते हुये एक महिला को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि 6 अन्य लोग घायल हो गए थे। घायलों का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है। रामदेव व दीपक को गंभीर हालत में जिला चिकित्सालय से केजीएमसी लखनऊ रेफर किया गया है। पुलिस ने हत्यारोपी सीताराम उर्फ गब्बर समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके बावजूद इस घटना से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा रहा। घटना के बाद बाबूराम का परिवार सहमा हुआ है। हालांकि एहतिहात के तौर पर गांव में पुलिस फोर्स कैंप कर रही है। हत्यारोपी और पीड़ित के घर पर भी पुलिस पहरेदारी कर रही है। बुधवार को सीओ मनकापुर आरके सिंह ने गांव में जाकर फिर से हालात का जायजा लिया।
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10 लोगों के साथ गयी बारात, दहशत के चलते दुल्हन की विदाई रुकी
गोलीबारी की वारदात के बाद न सिर्फ अमनदीप के घर में बल्कि उसकी ससुराल में भी सन्नाटा रहा। अमनदीप की शादी बस्ती जिले के रामनगर गांव को रहने वाले रामजनक जायसवाल की पुत्री मोनी जायसवाल के साथ तय थी। मंगलवार की शाम को बारात जानी थी लेकिन दिन में यह घटना घट गयी और शादी की खुशियां मातम में बदल गयीं। घर में पसरे मातम के बीच अमनदीप दूल्हा बना और 10 लोगों के साथ वह बस्ती जिले के रामनगर गांव पहुंचा। सादे समारोह में उसकी शादी हुई और सुबह जल्दी ही विदाई कराकर सभी लोग वापस आ गए। गांव में हुई घटना के बाद फैली दहशत के चलते दुल्हन की विदाई नहीं करायी गयी। अमनदीप ने कहा कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था कि उसे इस माहौल में शादी करनी पड़ेगी। बाबूराम जायसवाल ने बताया कि घर से 10 लोग शादी के लिए रामनगर गए थे। सुबह बिना दुल्हन की विदाई के बारात गांव वापस आ गई। बाबूराम जायसवाल ने बताया की इस दुख भरी घड़ी में दुल्हन की विदाई कराना उचित नहीं समझा।
फौजी की सनक ने भाई व बेटे को भी बना दिया अपराधी
फौजी सीताराम यादव उर्फ गब्बर की सनक ने उसके भाई व बेटे समेत पूरे परिवार को अपराधी बना दिया है। महुलीखोरी गांव के पांडेयपुरवा में हुई गोलीबारी की वारदात में फौजी सीताराम उर्फ गब्बर उसके भाई मायाराम, बेटे अंश व मायाराम के बेटे शिवा यादव, राजकुमार यादव, अर्जुन, सूरज, दुर्गेश व विकास समेत 9 लोगों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज करायी गयी है। इसके अतिरिक्त कई अज्ञात लोगों को भी मामले में आरोपित करते हुए मुकदमा लिखा गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
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हत्यारोपी के घर पर चले बुलडोजर
इस घटना से अमनदीप के परिजनों और रिश्तेदारों में डर के साथ आक्रोश भी है। बुधवार को दूल्हा अमनदीप उसकी मां शकुंतला देवी, चाची कमला देवी, रीता देवी, बुआ दाया देवी सहित परिजनों रिश्तेदारों और ग्रामीणों में घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार करे। साथ ही उन्होने हत्यारोपी सीताराम यादव उर्फ गब्बर के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की है।
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