लोक अदालत से मिलता है शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय: बाबू प्रसाद

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। लोक अदालत में आपसी सहमति के आधार पर मुकदमों का निपटारा कराने से किसी भी पक्ष की न हार होती है और न ही किसी भी पक्ष की जीत होती है बल्कि दोनों पक्षों को शीघ्र व सुलभ न्याय मिल जाता है। 

उक्त विचार जिला उपभोक्ता संरक्षण आयोग के अध्यक्ष बाबू प्रसाद ने व्यक्त किए। न्यायाधीश श्री प्रसाद ने विशेष भेंट में कहा कि उनका मानना है कि छोटे छोटे विवादों को हम सभी को गांव के बड़े बुजुर्गों के सहयोग से ही निपटा लेना चाहिए। जब किसी प्रकार से कोई रास्ता न बचे तब ही अदालत का दरवाजा खटकाना चाहिए क्योंकि अदालतों में इस समय मुकदमों का अंबार लगा हुआ है जिससे वादकारी को समय से न्याय नहीं मिल पाता है और उसे काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 

उन्होंने वादकारियों को सलाह देते हुए कहा कि लोक अदालत में मामले का निपटारा आपसी तालमेल से कराने से दोनों पक्षों में आपसी वैमनस्य खत्म हो जाता है और आपसी भाईचारा कायम होता है। 

आयोग के सदस्य दिलशाद अली ने बताया कि आगामी 9 मार्च को होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अभी से युद्धस्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में सभी अधिवक्ताओं से राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक वादों का पक्षकारों की आपसी तालमेल के आधार पर निपटाने में सहयोग करने की लगातार अपील भी की जा रही है।

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