Kanpur News: अवैध संबंधों के विरोध पर गोली मार कर हत्या... पत्नी व प्रेमी को उम्रकैद
एडीजे प्रथम की कोर्ट ने सुनाया फैसला, पांच-पांच हजार का जुर्माना
कानपुर, अमृत विचार। अवैध संबंधों का विरोध करने पर पति की गोली मार कर हत्या के मामले में शनिवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया। एडीजे प्रथम की कोर्ट ने दोषी पत्नी व उसके प्रेमी को उम्रकैद व पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। वर्ष 2013 में महिला के प्रेमी ने युवक को मौत के घाट उतारा था।
कर्नलगंज निवासी मिर्जा नादिर हुसैन ने चमनगंज थाने में वर्ष 2013 भांजे मिर्जा दानिश अब्बास की हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। नादिर ने बताया था कि घटना से करीब छह माह पहले दानिश का निकाह कौशांबी निवासी सबा के साथ हुआ था।
बताया कि शादी के कुछ समय बाद से घर में नादिरबाग निवासी फहद नाम के युवक का आना जाना था। पूछने पर सबा ने बताया कि वह उसका भाई है। सबा के फहद से अवैध संबंधों की जानकारी पर दानिश से उसका अक्सर झगड़ा होता रहता था। 14 अप्रैल 2013 को दानिश की चमनगंज स्थित गांधी पार्क के पास गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
जानकारी पर परिजन दानिश को हैलट अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया था। मामला एडीजे प्रथम राजेश चौधरी की कोर्ट में विचाराधीन था। कोर्ट ने गवाहों के आधार पर सबा व फहद को दानिश की हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
मृतक के रिश्तेदार ने फहद के साथ जाते देखा
मृतक दानिश के रिश्तेदार मिर्जा मसूद हुसैन ने कोर्ट में बताया कि घटना के दिन वह और मिर्जा रजी गली के नुक्कड़ पर खड़े होकर आपस में बातचीत कर रहे थे। इस दौरान देखा था कि दानिश फहद के साथ जा रहा था। रजी ने दानिश से पूछा तो उसने बताया कि पुताई के काम के सिलसिले में वह फहद के साथ जा रहा है।
घटना से 20 दिन पहले देखा था आपत्तिजनक हालत में
मिर्जा नादिर ने बताया कि फहद रात के समय दानिश के घर जाता था। इस दौरान सबा दानिश को चाय में नींद की गोली डाल कर पिला देती थी। घटना के 20 दिन पहले वह रात करीब 10 बजे दानिश के घर गया था, तो देखा कि दानिश सो रहा था। वहीं सबा व फहद आपत्तिजनक स्थिति में थे। यह देख वह बाहर आ गए और दानिश को जोर से आवाज दी, लेकिन वह उठा नहीं। इसके बाद नादिर ने दानिश को मामले की जानकारी दी थी।
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