स्मृति ईरानी बोलीं... खुशी है कि कांग्रेस नेता ने मेरी चुनौती स्वीकार कर ली...
अमेठी। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को कहा कि उन्हें खुशी है कि वरिष्ठ कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने उनकी चुनौती स्वीकार कर ली है कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी (समाजवादी पार्टी अध्यक्ष) अखिलेश यादव और (बहुजन समाज पार्टी प्रमुख) मायावती के बिना अमेठी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं।
ईरानी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ''मुझे खुशी है कि जयराम रमेश ने मेरी चुनौती स्वीकार कर ली है। मैं चाहूंगी कि सीईसी (कांग्रेस चुनाव समिति) आज ही मेरे संबोधन के बाद जयराम रमेश द्वारा दिए गए प्रस्ताव को जारी करें।’’
उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी की एक सामान्य कार्यकर्ता होने के नाते मैं उनकी चुनौती का स्वागत करती हूं क्योंकि जयराम रमेश जी ने कहा है कि राहुल गांधी जी मेरी चुनौती स्वीकार करने के लिए तैयार हैं।" ईरानी ने कहा, ''आज हम सभी और अमेठी के कार्यकर्ता बेसब्री से इंतजार कर रहे होंगे कि राहुल गांधी सीईसी के माध्यम से ये घोषणा करेंगे क्योंकि ये निर्देश जयराम रमेश जी ने दिया है।’’
अमेठी के दौरे के दूसरे दिन केन्द्रीय मंत्री ने दलशाहपुर, लोहरता और नरैनी सहित विभिन्न गांवों में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में लोगों से बातचीत की। उन्होंने लोगों की समस्याएं सुनीं और अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया। लोहरता गांव में एक बुजुर्ग और अन्य ग्रामीणों ने स्मृति ईरानी को बताया कि वह आजादी के बाद से गांव का दौरा करने वाली पहली सांसद हैं।
इस पर ईरानी ने कहा, ''दादा जी, आपकी बेटी आई है और आती रहेगी।'' ईरानी ने नारायण गांव के दौरे के दौरान पीपल के पेड़ की पूजा भी की। ईरानी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में अमेठी सीट से राहुल गांधी को हराया था। राहुल वर्ष 2004 से 2019 तक अमेठी से सांसद रहे हैं। हालांकि पिछली बार वह वायनाड लोकसभा सीट से भी चुनाव लड़े थे जहां उन्होंने जीत हासिल की थी।
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