बरेली: नहीं थम रहा साइबर अपराध, ठगों ने दो लोगों के खाते से उड़ाए रुपये
बरेली, अमृत विचार। जिले में लगातार लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए कई बार पुलिस ने भी लोगों को समझाया लेकिन जालसाजी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग सका है। सुपर सिटी निवासी एक व्यक्ति के खाते से ठगों ने रुपये उड़ा दिए। वहीं, अलीगंज में एक व्यक्ति …
बरेली, अमृत विचार। जिले में लगातार लोग साइबर ठगी का शिकार हो रहे हैं। साइबर अपराध रोकने के लिए कई बार पुलिस ने भी लोगों को समझाया लेकिन जालसाजी की घटनाओं पर अंकुश नहीं लग सका है। सुपर सिटी निवासी एक व्यक्ति के खाते से ठगों ने रुपये उड़ा दिए। वहीं, अलीगंज में एक व्यक्ति ने मित्र बनकर गूगल पे का नंबर पूछकर खाते से रुपये निकाल लिए। दोनों पीड़ितों ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है।
एप और खाता हैक करके जालसाज ने निकाले रुपये
सुपर सिटी निवासी विजेन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनका खाता स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में है। उन्होंने बताया कि वह अमेजन एप पर रुपये वापस करने के लिए बात कर रहे थे। इसी दौरान उनका मोबाइल नंबर किसी ने हैक कर लिया। नंबर हैक करने के बाद आरोपी ने उनके खाते से 24000 रुपये निकाल लिए। मोबाइल पर संदेश आने पर उन्हें पता चला कि रुपये निकल गए हैं। इसके बाद उन्होंने बैंक कर्मियों से पूछताछ की लेकिन उन्हें सही जवाब नहीं मिला। शिकायतकर्ता की शिकायत पर एसएसपी ने यह प्रकरण साइबर सेल को सौंप दिया है।
रिश्तेदार बताकर ठग लिए 84 हजार रुपये
अलीगंज थाना क्षेत्र के गांव महोलिया निवासी रामलखन सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर ठगी की शिकायत की है। रामलखन सिंह ने बताया कि उनके मोबाइल पर 2 अक्टूबर को एक व्यक्ति ने फोन किया। फोन करने वाले ने अपना नाम रविन्द्र विक्रम सिंह बताया और कहा कि उसे किसी को रुपये भेजने हैं। आप रुपये डलवा दो। रामलखन ने बताया कि उसके कहने पर उन्होंने अपने साले मुकेश कुमार निवासी लीलौर थाना सिरौली का नंबर दे दिया। आरोपी ने कुछ देर बाद मुकेश के फोन पर काल की और फिर उसके दोस्त से बात की। बात करने के कुछ देर बाद मुकेश के खाते से 50000 रुपये और उसके दोस्त के खाते से 34 हजार रुपये कट गए। रामलखन सिंह की शिकायत पर एसएसपी ने साइबर सेल को मामला सौंप दिया है।
