अमेठी: जमीनी विवाद का समुचित निस्तारण करने में लापरवाही बरत रहे हैं राजस्वकर्मी, लगातार हो रहा निर्माण
जायस/ अमेठी, अमृत विचार। सरकार की मंशा है कि राजस्व कर्मी विवादित भूमि का स्थलीय निरीक्षण कर उसे प्राथमिकता से मौके पर ही निस्तारित कर दें। लेकिन यहां तो ठीक उसका उल्टा ही देखने को मिलता है। 90 फीसदी मामलों में विवादित जमीन में राजस्वकर्मी जलती आग में घी डालने का काम करते है। रही सही कसर पुलिस भी पूरी कर देती है।
कोतवाली क्षेत्र जायस की ग्राम पंचायत कासिमपुर के गांव पूरे मुर्गिहापुर में उस्मान और सुलेमान दो भाई थे। दोनो भाइयों में आपसी सहमति से बटवारा भी हो गया था। सुलेमान के दो संताने साजिया बानो और नजमा बानो है। जबकि उस्मान के तीन बेटे क्रमशः अब्दुल गफ्फार, मो. कासिम और मो.हासिम है। गाटा संख्या 196 जो राजस्व अभिलेखों में भूमिधरी दर्ज है। इस गाटा संख्या में भी आपसी बंटवारा हुआ था। नजमा बानो और साजिया बानो ने छह वर्ष पहले बंटवारा होते ही उस भूमि पर अपना मकान बना लिया था। मो. हासिम के हिस्से में आई जमीन खाली पड़ी थी। जिस पर दोनों बहनों ने खाली पड़ी हासिम की जमीन पर फिर से जबरन निर्माण शुरू कर दिया है। हासिम ने इसकी शिकायत समाधान दिवस में की है।
एसडीएम ने राजस्व निरीक्षक से प्रकरण की जांच कर आख्या मांगी। शासन की मंशा रहती है कि इस तरह के प्रकरण को राजस्वकर्मी पुलिस की मदद से स्थलीय निरीक्षण कर मौके पर ही निस्तारित कर शांति व्यवस्था बनाये रखें। लेकिन इसके ठीक विपरीत राजस्वकर्मी काम करते है। भूमिधरी जमीन को राजस्वकर्मी निस्तारित करने में आनाकानी करते है। समाधान दिवस में आई शिकायतों को निस्तारित करने राजस्वकर्मी रुचि नहीं दिखा रहे है। बल्कि जबरन निर्माण जैसे कार्यो को बखूबी अंजाम देने के लिए उसका उपाय भी बता देते हैं और युद्ध स्तर पर काम को अंजाम देने का पूरा मौका भी देते है। जमीनी विवाद के गंभीर प्रकरण में राजस्वकर्मी की संयुक्त टीम निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई न करने पर कभी-कभी लम्बा बवाल हो जाता है, जिसका खामियाजा बेकसूर लोगों को झेलना पड़ता है।

राजस्व निरीक्षक उग्रसेन सिंह ने बताया कि शिकायत पर मौके पर जाकर पैमाइश की गई थी। भूमिधरी जमीन में निर्माण हो रहा है, बंटवारे को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है, आख्या भेज दी गई है। एसडीएम तिलोई आशीष कुमार सिंह ने बताया कि भूमिधरी जमीन के बंटवारे के लिए चिट्ठी बंटवारा पड़ा है, तो नियति तारीख पर सुनवाई कर पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर स्थगन आदेश पारित कर दिया जाएगा।
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