Bareilly News: दो साल से वन्यजीवों की नहीं हुई गणना, हवाई साबित हो रहा वन विभाग का दावा

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। वन विभाग ने करीब दो साल से वन्यजीवों की गणना ही नहीं कराई है। ऐसे में इनके संरक्षण का दावा हवाई साबित हो रहा है। अब विभाग के अधिकारी अप्रैल और मई में गणना कराने की बात कह रहे हैं।

मंडल में मई 2022 में वन्य जीवों की गणना कराई गई थी। गणना का मकसद किसी क्षेत्र में तेजी से कम हो रहे वन्य जीवों का संरक्षण करना है, लेकिन जब विभाग के पास आंकड़े ही नहीं होंगे तो किस आधार पर इनका संरक्षण कराया जाएगा। 

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अभी हाल ही में पीलीभीत टाइगर रिजर्व में बाघों की गणना कराई गई है, लेकिन अभी इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। अधिकारियों का कहना है कि पीटीआर में डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया की ओर से गणना की जाती है। जल्द सामाजिक वानिकी में गणना कराई जाएगी, जिसके लिए स्थानीय लोगों, सामाजिक संस्थाओं और वन्यजीव प्रेमियों की मदद ली जाएगी।

बदायूं में सबसे अधिक वन्यजीव
बरेली मंडल में फिशिंग कैट, काला हिरन, शूकर हिरन, चौसिंघा, वनरोज, घुरल, चीतल, बारासिंघा, सुअर, बंदर, लंगूर, मगर, लकड़बग्घा, भेड़िया, लोमड़ी, सियार, मोर, वन गाय, जंगली बिल्ली, बिज्जू, सेहा, गोह आदि वन्य जीवों की गणना मई 2022 में कराई गई थी। इसके अनुसार बरेली में 13776, बदायूं में 50828 और शाहजहांपुर में 17295 और पीलीभीत में 27182 वन्यजीव चिह्नित किए गए थे।

सामाजिक वानिकी में जल्द वन्य जीवों की गणना कराई जाएगी। विभाग के पास फिलहाल दो साल पुराने आंकड़े हैं। अंतिम बार मई 2022 में वन्यजीवों की गणना कराई गई थी। -बी प्रभाकर, मुख्य वन संरक्षक, रुहेलखंड जोन

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