Bareilly News: अशरफ के साले सद्दाम समेत 11 पर लगा गैंगस्टर, आरोपियों की संपत्ति भी की जाएगी सीज

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। बिथरी चैनपुर पुलिस ने माफिया रहे अशरफ के साले समद उर्फ सद्दाम, मो. रजा उर्फ लल्ला गद्दी, मो. फरहद खां उर्फ गुड्डू, मो. सरफुद्दीन, फुरकान नवी खान, राशिद अली, मो. आरिफ, आतिन जफर, जेल वार्डन मनोज कुमार, शिव हरी अवस्थी और कैंटीन संचालक दयाराम उर्फ नन्हे के खिलाफ गिरोहबंद की कार्रवाई की है। पुलिस ने कैंटीन संचालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और सद्दाम बदायूं जेल में है। पुलिस अन्य की तलाश में पुलिस जुट गई है।

बिथरी चैनपुर इंस्पेक्टर संजय तोमर ने बताया कि पिछले साल प्रयागराज में उमेश पाल हत्याकांड के बाद इस गिरोह का नाम सामने आया था। सद्दाम प्रयागराज के पूरा मुफ्ती हटवा उपहार का निवासी है। 

वह बारादरी के खुशबू एन्क्लेव में किराये के फ्लैट में रहकर अशरफ की मदद करता था। लल्ला गद्दी पुराना शहर, फुरकान नवी रामनगर कॉलोनी परतापुर जीवन सहाय, राशिद ग्राम परौरा मीरगंज, मो. फरहद परतापुर जीवनसहाय, सरफुद्दीन चकमहमूद पुराना शहर, मनोज कुमार गौड़ देवरिया के माहिल स्थित कसली गांव, शिव हरि हरदोई के पाली स्थित कछलिया गांव और दयाराम सैदपुर कुर्मियान, मो. आरिफ फीलखाना पीलीभीत और आतिन जफर खुल्दाबाद प्रयागराज के निवासी हैं। 

इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपी सामूहिक रूप से हिंसा करते हैं और लोगों को धमकाकर रुपये आदि की वसूली करते हैं। पिछले साल बिथरी चैनपुर थाने में आरोपियों के खिलाफ बलवा, रंगदारी, हत्या की साजिश रचने और जेल अधिनियम की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके बाद मई में कोर्ट में आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था।

जमानत पर बाहर हैं आरोपी
सद्दाम और अतिन की जमानत अब तक नहीं हो सकी है। वहीं पुलिस ने कैंटीन संचालक दयाराम को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों की संपत्ति को चिह्नित किया जा रहा है। पुलिस जल्द जब्तीकरण की कार्रवाई कर सकती है।

हत्या की साजिश में थे शामिल
पिछले साल अधिवक्ता उमेश पाल की गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में माफिया रहे अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ का नाम सामने आया था। जांच में पता चला था कि हत्याकांड से पहले अतीक का बेटा, सद्दाम, लल्ला गद्दी, समेत अन्य आरोपी जेल में मिलाई के लिए पहुंचे थे। आरोपी सीसीटीवी फुटेज में भी कैद हो गए। बरेली जेल से ही उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई थी।

लल्ला और सद्दाम के इशारे पर मिल रही थीं सुविधाएं
सद्दाम व लल्ला गद्दी ने जेल के वार्डन मनोज कुमार, शिव हरि को महंगे उपहार दिए थे। मनोज और शिव हरि ने लल्ला और सद्दाम की मुलाकात जेल के अन्य कर्मचारियों से कराई थी। इसके बाद वह अशरफ को सारी सुविधाएं मुहैया कराता था। सद्दाम ने खुशबू एन्क्लेव में फर्जी नाम से फ्लैट किराये पर ले लिया था। घटना के बाद सद्दाम और उसके गुर्गे बरेली छोड़कर फरार हो गए थे।

सद्दाम गिरोह पर बिथरी पुलिस ने गिरोहबंद की कार्रवाई की है। गिरोह का सदस्य दयाराम पकड़ लिया है और अन्य की तलाश की जा रही है। आरोपियों की संपत्ति भी जब्त की जाएगी।- मुकेश चंद्र मिश्र एसपी उत्तरी

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