सुलतानपुर: मानवाधिकार उल्लंघन पर विशेष कोर्ट ने थानाध्यक्ष समेत नौ को थमाया नोटिस
सुलतानपुर, अमृत विचार। मोतिगरपुर थाना क्षेत्र के अहदा गांव में मानवाधिकारों का उल्लंघन, मारपीट, हमला और जबरदस्ती भूमि कब्जा करने के मामले में मानवाधिकार की विशेष कोर्ट के न्यायाधीश अभय श्रीवास्तव ने थानाध्यक्ष समेत नौ लोगों पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।
अहदा निवासी ओमप्रकाश यादव ने अधिवक्ता विवेक श्रीवास्तव के जरिए शुक्रवार को विशेष कोर्ट में याचिका दाखिल की है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बीती 19 जनवरी को गांव के लक्ष्मीकांत पांडेय परिवार के आठ सदस्यों के साथ जबरदस्ती भूमि पर कब्जा करने लगे। जिसकी शिकायत पुलिस से कई बार की गई लेकिन थानाध्यक्ष ने कोई मदद नही की न ही विपक्षियों पर कार्रवाई की।
यह भी आरोप है कि एसओ ने आरोपियों की मदद करते हुए बिना जांच किए पीड़ित और घरवालों पर दो दिन में तीन मुकदमे भी दर्ज कर दिए जबकि पीड़ित पक्ष के कई लोग घटना के समय दूसरे प्रदेशों में थे।
कोर्ट ने याचिका एडमिट करते हुए थानाध्यक्ष ज्ञानचंद्र शुक्ला समेत सभी आरोपियों पर नोटिस जारी करने का आदेश दिया है। मामले में अगली सुनवाई 12 मार्च को होगी।
गुंगवाछ हत्याकांड की नहीं हो सकी सुनवाई
सुलतानपुर, अमृत विचार। अमेठी के गुंगवाछ मौजा के राजापुर में दो साल पूर्व चार लोगों की सनसनीखेज हत्या के मामले में बचाव पक्ष के मौका लेने के कारण शुक्रवार को साक्ष्य की कार्रवाई नहीं हो सकी।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अरविंद सिंह राजा और संतोष पांडेय ने अलग अलग कारणों से कोर्ट से मौका देने को मांग की। न्यायाधीश अंकुर शर्मा ने मामले की सुनवाई 11 मार्च को फिर नियत की है। संपत्ति विवाद में 15 मार्च 2022 को गुंगवाछ में सनसनीखेज घटना में संकठा यादव, हनुमान प्रसाद, अमरेश यादव और नइका देवी की हत्या कर दी गई थी, जबकि कई अन्य घायल हुए थे।
चर्चित मामले में पीड़ित अमरजीत ने रामदुलारे यादव, अखिलेश, बृजेश व छोटू उर्फ अभिषेक, प्रधान आशा तिवारी, प्रधानपति रामशंकर तिवारी और प्रधान पुत्र नितिन तिवारी पर केस दर्ज कराया था जिसमें चार्जशीट दाखिल हुई ।
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