बदायूं: समाप्ति की ओर वित्तीय वर्ष, अब तक पूरा नहीं हुआ मॉडल दुकानों का काम 

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Edited By Amrit Vichar
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बदायूं, अमृत विचार: मनरेगा की मदद से जिले की ग्राम पंचायतों में 75 मॉडल राशन की दुकानें बनाई जा रही हैं। इन दुकानों के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जमीन को भी चिन्हित कर उनमें कार्य चल रहा है। परंतु जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण अभी तक काम पूरा नहीं हो सका है। जबकि वित्तीय वर्ष समाप्ति की ओर है। ऐसे में इस वित्तीय वर्ष में दुकानों का संचालन होना मुमकिन नहीं दिख रहा है। हालांकि 19 दुकानों के निर्माण का काम पूरा हो चुका है। इनका 12 मार्च को संचालन किए जाने की बात पूर्ति विभाग द्वारा की जा रही है।

अभी तक राशन की दुकानों का संचालन कोटेदारों के आवास अथवा किराए की दुकानों में होता रहा है। नई कार्ययोजना के तहत सभी ब्लॉकों में पांच-पांच राशन की दुकानों को मॉडल मनाया जा रहा है। शासन की मंशानुसार इन दुकानों में कार्डधारियों को अनाज के साथ ही ऑनलाइन स्तर पर जन सुविधा केंद्र के तहत संचालित होने वाई स्टांप, माइक्रो एटीएम, आधार अपग्रेडेशन के साथ ही जन्म मृत्यु व आय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन के साथ ही बिजली बिल जमा करने की सुविधाओं का भी फायदा मिलेगा। 

दुकानों को मॉडल बनाने का काम पिछले वर्ष जुलाई माह से चल रहा है। इनमें से अब तक मात्र 19 दुकानें ही बनकर तैयार हो सकी हैं। इनका लोकार्पण भी पिछले दिनों मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। अभी 56 दुकानों का काम शेष बचा है। बताया जा रहा कि बजट के अभाव में काम लटका हुआ है। हालांकि विभागीय अधिकारी बजट की समस्या नहीं होने की बात कर रहे हैं। लेकिन इस वित्तीय वर्ष में दुकानों का संचालन न होने की बात भी उनके द्वारा कही जा रही है। 

मनरेगा और पंचायत निधि से बन रही दुकानें
राशन की मॉडल दुकानों का निर्माण ग्राम पंचायत निधि और मनरेगा योजना के तहत किया जा रहा है। इनमें छोटी ग्राम पंचायतों में दुकानों का निर्माण मनरेगा योजना और बड़ी ग्राम पंचायतों में ग्राम पंचायत निधि से काम कराया जा रहा है। ऐसी स्थिति होने के बाद भी जिम्मेदार समय पर कार्य पूर्ण नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण इनका संचालन नए वित्तीय वर्ष में ही हो पाएगा। 

इन गांवों में 12 से होगा संचालन   
19 मॉडल दुकानों का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इनमें ब्लाक अंबियापुर के गांव बांस बरौलिया, जगत के जगत, सालारपुर के बिनावर, पुठी सराय, उझानी के शेखूपुर, कादरचौक के ककोड़ा, सहसवान के डकारा पुख्ता, दहगवां के रसुलपुर कलां, उस्मानपुर, दातागंज के बसेला, समरेर के कमां, म्याऊं के जमालपुर, उसावां के सिसौरा, वजीरगंज के हतरा, आसफपुर के आसफपुर, इस्लामनगर के चंदोई, अल्लेहपुर समसपुर, बिसौली के नागपुर नूरपुर आदि में दुकानें बनकर तैयार हो चुकी हैं। इनमें से सात का लोकार्पण मुख्यमंत्री द्वारा किया गया है। इन दुकानों में 12 मार्च से राशन का वितरण शुरू हो जाएगा। 

राशन की 19 मॉडल दुकानें बनकर तैयार हो चुकी हैं। शेष में काम चल रहा है। काम बड़ा होने के कारण देरी हुई थी। जल्द ही निर्माण कार्य पूरा कर लिया जाएगा। दुकानों का निर्माण कार्य पूरा न होने की दशा में इनका संचालन अगले वित्तीय वर्ष में शुरू हो पाएगा---बलराम कुमार, प्रभारी डीसी मनरेगा।

75 मॉडल दुकानें बननी हैं। 19 तैयार हो गई हैं। इनमें से सात का मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पण किया जा चुका है। सभी दुकानों का संचालन इसी वर्ष पूर्ण होना था। लेकिन क्यों पूरा नहीं हुआ इस बारे में कुछ कह पाना मुमकिन नहीं हैं। फिलहाल जो तैयार हैं उनका 12 मार्च से संचालन शुरू हो जाएगा---रमन मिश्रा, जिला पूर्ति अधिकारी।

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