पीलीभीत के 27 मदरसों का बंद होना तय, मची खलबली...शासन के आदेश पर जल्द होगी कार्रवाई
पूरनपुर तहसील के सात, कलीनगर का एक मदरसा भी शामिल
पीलीभीत, अमृत विचार। सरकार के निर्देश पर हुई एसआईटी जांच में जिले के 27 मदरसे अवैध तरीके से संचालित होना पाए गए हैं। जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। अब इन मदरसों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। अधिकारियों की मानें तो शासन के आदेश के बाद इन सभी अवैध मदरसों को बंद कराया जाएगा। इसे लेकर सुगबुगाहट बढ़ते ही खलबली मची हुई है।
मदरसों का संचालन मदरसा बोर्ड द्वारा किया जाता है, जबकि इनकी निगरानी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा की जाती है। बीते डेढ़ दशक में प्रदेश भर में मदरसों की बाढ़ से आई हुई है। भारत-नेपाल सीमा से सटे इस जिले में भी बड़े पैमाने पर मदरसे खोले गए हैं। इन मदरसों का उद्देश्य तो दीनी तालीम देना है। मगर, अधिकांश मदरसे अपने उद्देश्य से इतर अन्य कामों में लग गए। मामला सरकार के संज्ञान में आने पर वर्ष 2022 में प्रदेश भर के मदरसों का सर्वे कराया गया था।
बताते हैं कि उस दौरान अधिकांश मदरसे बिना मान्यता चलते पाए गए थे। सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए करीब डेढ़ माह पूर्व प्रदेश भर की एसआईटी जांच के निर्देश दिए। जांच में प्रदेश भर में 13 हजार मदरसे अवैध तरीके संचालित होना पाए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक इसमें पीलीभीत जिले के 27 मदरसे भी अवैध तरीके से संचालित मिले हैं। इसमें भारत-नेपाल सीमा से सटी पूरनपुर तहसील के सात मदरसे और कलीनगर तहसील क्षेत्र का एक मदरसा शामिल है। यह सभी मदरसे बिना मान्यता संचालित किए जा रहे थे। बताते हैं कि एसआईटी जांच में मदरसों में आय-व्यय का ब्यौरा भी नहीं पाया गया है। स्थानीय अधिकारियों को अब शासन के आदेश का इंतजार है। शासन का आदेश आने के बाद इन सभी 27 अवैध मदरसों को बंद कराने की बात कही जा रही है।
जिले में है 220 मान्यता प्राप्त मदरसे
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के मुताबिक जिले में 220 मदरसों का संचालन किया जा रहा है। यह सभी मदरसे मदरसा बोर्ड से मान्यता प्राप्त है। जिनकी निगरानी अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा की जा रही है। इन मदरसों में दीनी तालीम के साथ अन्य विषयों की भी पढ़ाई कराई जाती है।
जनपद स्तर पर बेखबर रहे जिम्मेदार
एसआईटी जांच के बाद अब जनपद में संचालित 27 मदरसों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। बताते हैं कि ये मदरसे लंबे अरसे से संचालित हो रहे थे। इनके अवैध तरीके से संचालन की बात भी सामने आ चुकी है। ऐसे में आगामी कार्रवाई से हटकर सवाल ये भी है कि अभी तक इसे लेकर जिम्मेदार बेखबर रहे। उनके स्तर से इसका पता ही नहीं लगाया जा सका। इसे लेकर भी तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।
सरकार के निर्देश पर मदरसों की एसआईटी जांच कराई गई थी। जिले में भी 27 मदरसे अवैध तरीके से संचालित होना पाए गए हैं। शासन के निर्देशानुसार इन मदरसों पर कार्रवाई की जाएगी -रोहित सिंह, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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