Bareilly News: उगाही का चल रहा खेल, सर्क्युलेटिंग एरिया में लोगों से की जा रही टोल टैक्स की तरह वसूली
बरेली, अमृत विचार। जंक्शन पर आने वाले वाहनों से उगाही के खेल ने ऐसा जोर पकड़ा है कि पार्किंग के बजाय पूरे सर्क्युलेटिंग एरिया में लोगों से टोल टैक्स की तरह वसूली की जा रही है।
सर्क्युलेटिंग एरिया से वाहन में गुजरने वालों को भी 30 रुपये की पर्ची काटकर थमा दी जा रही है और दबंगई के जोर पर उसकी वसूली भी की जा रही है। इस वजह से पूरा सर्क्युलेटिंग एरिया पार्किंग बन गया है। इस वजह से अक्सर यहां भीषण जाम तक लग जाता है। तमाम शिकायतों के बावजूद आरपीएफ के साथ जंक्शन के अफसर भी इसकी अनदेखी कर रहे हैं।
रेलवे के वाणिज्य विभाग की ओर से जंक्शन के सर्क्युलेटिंग एरिया में बनी पार्किंग का ठेका दिया गया है। इसमें पार्किंग में खड़े होने वाले ऑटो और कार के लिए अलग-अलग शुल्क तय है लेकिन ठेकेदार के लोग यहां उन लोगों के हाथ में भी पर्ची थमाकर जबरन वसूली कर रहे हैं जो किसी यात्री को छोड़ने पहुंचते हैं।
इस दबंगई के खिलाफ कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं लेकिन अधिकारी लगातार इन शिकायतों की अनदेखी कर रहे हैं। कभी कोई मामला मंडलीय अधिकारियों तक पहुंचता है तो आरपीएफ ऑटो और ई-रिक्शा वालों का चालान कर उस पर लीपापोती कर देती है।
बता दें कि बरेली जंक्शन पर रोज करीब 40 हजार लोगों की आवाजाही होती है। जीआरपी ने आरक्षण कार्यालय के पास बैरियर लगाया गया है ताकि कोई वाहन यहां से न गुजरे लेकिन उगाही की खेल की वजह से इसके बावजूद जाम लग जाता है और यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है। आरपीएफ और जीआरपी के कर्मचारी जाम की भी अनदेखी कर देते हैं।
स्वाचालित सीढ़ियों के आगे खड़े करा देते हैं वाहन
मनमानी का यह हाल है कि वाहनों को पार्किंग में खड़ा करने के बजाए स्वचालित सीढ़ियों के आगे लगा दिया जाता है जिसकी वजह से जाम लग जाता है। ऑटो और ई-रिक्शा चालकों के हौसले इसलिए बुलंद रहते हैं क्योंकि उन्होंने पार्किंग में नहीं बल्कि स्वचलित सीढ़ियों के आगे खड़े रहने की ही पर्ची कटाई है। यहां से उन्हें सवारियां मिलने में आसानी होती है।
पार्किंग एरिया में ही वाहन खड़े करने पर शुल्क लिया जाना चाहिए। हालांकि होटल के पास ट्रैफिक नियंत्रण की जिम्मेदारी थाने की पुलिस की भी है। - त्रिलोक सिंह रावत, सहायक मंडल सुरक्षा आयुक्त आरपीएफ
