बरेली: अब दुष्कर्म का झूठा आरोप लगाया तो जाना होगा जेल

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संजय शर्मा, बरेली। दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कभी जेठ, कभी ससुर, कभी देवर तो कभी प्रेमी और उसके दोस्तों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जांच में पता चल रहा है दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के 40 प्रतिशत मामले झूठे निकल रहे हैं। इनके माध्यम से कई …

संजय शर्मा, बरेली। दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। कभी जेठ, कभी ससुर, कभी देवर तो कभी प्रेमी और उसके दोस्तों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। जांच में पता चल रहा है दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के 40 प्रतिशत मामले झूठे निकल रहे हैं। इनके माध्यम से कई लोगों को ब्लैकमेल किया गया और कई लोगों को रंजिशन फंसाया गया। अब ऐसा न हो इसके लिए डीआईजी रेंज में नया फॉर्मूला लागू करने जा रहे हैं।

अब फर्जी दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज कराकर रंजिश, वसूली करने वाली जालसाज लड़कियों को भी जेल जाना पड़ सकता है। लगातार आ रहीं झूठी शिकायतों के बाद डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए ऐसी शिकायतों पर अंकुश लगाने के लिए फॉर्मूला तैयार किया है।

महिला अपराध पर बवाल न मचे इसलिए उसकी रिपोर्ट तुरंत दर्ज की जाएगी लेकिन चार्जशीट पर कुछ लिखने से पहले विवेचक को कई बिन्दुओं पर जांच करनी होगी। शिकायत मिलते ही रिपोर्ट दर्ज करने के बाद तुरंत पीड़िता का मेडिकल कराया जाएगा। इसके 24 घंटे के अंदर लड़की और आरोपी की तीन महीने की कॉल डिटेल निकलवाई जाएगी। साथ ही वारदात की जगह पर दोनों की लोकेशन का भी पता किया जाएगा। यदि लोकेशन, मेडिकल रिपोर्ट और कॉल डिटेल आपस में नहीं मिलती हैं और घटना झूठी निकलती है तो मामला खत्म कर दिया जाएगा। साथ ही झूठी शिकायत कराने वाली लड़की या महिला के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इस नियम को रेंज में जल्द ही लागू कर दिया जाएगा।

मेरठ में कर चुके हैं लागू
डीआईजी कुछ साल पहले मेरठ के एसएसपी थे। उस समय वहां पर दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म की तमाम शिकायतें आती थीं। जांच में पता चला कि 40 प्रतिशत मामले झूठे थे। ऐसी शिकायतें न आएं और पीड़ित को इंसाफ मिल सके, इसके लिए उन्होंने यही फॉर्मूला लागू किया था। इसके बाद दुष्कर्म की शिकायतों में 40 से 50 प्रतिशत की कमी आई थी।

प्रेम प्रसंग में अक्सर दर्ज की जाती है गैंगरेप की रिपोर्ट
नवाबगंज हो या सीबीगंज थाना। जहां भी गैंगरेप की रिपोर्ट दर्ज की गई वहां ज्यादातर फर्जी ही निकलीं। जब उनकी जांच की गई तो पता चला कि दोनों ही मामले प्रेम प्रसंग के थे और दोनों ही मामलों ने तूल पकड़ा था। सीबीगंज के मामले में तो लड़की ने हाईवे पर अपहरण करके गैंगरेप करने का आरोप लगाया था। सपा सरकार में इस मामले ने तूल पकड़ा था लेकिन 24 घंटे में मामला खुल गया था।

जल्द मिलेगा पीड़िता को न्याय
यदि सभी बिदुंओं पर तुरंत जांच की जाएगी तो पीड़ित को त्वरित न्याय भी मिलेगा और आरोपी साक्ष्यों से छेड़खानी भी नहीं कर सकेंगे। ऐसे में वास्तविक पीड़िताओं को न्याय के लिए कहीं भटकना नहीं पड़ेगा।

“दुष्कर्म की शिकायतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। जांच में 40 से 50 प्रतिशत मामले झूठे पाए जा रहे हैं। इसके लिए कुछ बिंदु बनाए गए हैं जिन पर विवेचक रिपोर्ट दर्ज करने के बाद जांच करेगा। जो बिन्दुओं पर जांच नहीं करेगा उस विवेचक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मकसद पीड़ित को इंसाफ दिलाना है और झूठे आरोपों को खत्म करना है।” -राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी, बरेली रेंज

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