बदायूं: जांच में निकले फर्जी, 40 मदरसों पर लगेगा ताला...भेजी रिपोर्ट
जांच के दौरान बिना मान्यता के संचालित मिले थे 40 से अधिक मदरसे
बदायूं, अमृत विचार। बिना मान्यता के संचालित 40 से अधिक मदरसों पर जल्द ही ताला लटकने वाला है। शासन के आदेश पर अल्पसंख्यक विभाग द्वारा सभी मदरसों की जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट विभागीय अधिकारियों द्वारा शासन को भेजी है। जांच के बाद विभाग द्वारा कई बार मदरसा संचालकों को अभिलेख पोर्टल पर अपलोड करने के आदेश दिए गए थे। परंतु उनके द्वारा कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई थी। ऐसे में विभाग ने इन मदरसों को फर्जी मानते हुए रिपोर्ट भेजी है। अब विभाग शासन के आदेश का इंतजार कर रहा है। आदेश आने पर इन्हें बंद कराया जाएगा।
जिले में 214 मदरसा संचालित हैं। इनमें 2 मदरसों को सरकारी अनुदान मिल रहा है। शासन की ओर से 2017 में मदरसों की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। विशेष जांच टीम ने अपनी जांच में जिले के अंदर 40 से अधिक मदरसों को कागजों में ही चलते हुए पाया था। लेकिन कार्रवाई न हो सकी थी।
इसके बाद शासन के आदेश पर अल्पसंख्यक विभाग द्वारा दोबारा से जांच की गई। इसमें चालीस मदरसे बिना मान्यता के संचालित मिले थे। जिसमें बिना मान्यता के सबसे अधिक मदरसे सदर तहसील के कस्बा ककराला में संचालित मिले थे। विभाग द्वारा इन्हें नोटिस जारी कर मदरसा संचालित होने के संबंध में सूचनाएं मांगी थी। परंतु इनके द्वारा कोई सूचना विभाग के पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई। रिपोर्ट शासन को भेजी गई। परंतु कार्रवाई संबंधी कोई आदेश विभाग को नहीं मिला।
पिछले साल नवंबर माह के दौरान शासन द्वारा मदरसों में शिक्षण कार्य कराने वाले शिक्षकों के संबंध में सूचनाएं मांगी थी। जिसकी जांच के आदेश भी विभागीय अधिकारी को दिए गए थे। लेकिन जनवरी माह तक जांच शुरू न हो सकी। शासन द्वारा चेतावनी जारी करने के बाद विभाग द्वारा जांच की गई। जिसमें बिना मान्यता के संचालित मदरसों द्वारा कोई सूचना विभाग को उपलब्ध नहीं कराई गई और न ही यू डायस पर इन 40 मदरसों के द्वारा कोई भी सूचना देना मुनासिब नहीं समझा। जिसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई है। कई स्तर पर हुई जांच के दौरान अवैध रूप से संचालित यह मदरसे बंद होने की कगार पर पहुंच चुके हैं। इनमें अब जल्द ही सरकारी ताला लटक जाएगा।
एसआईटी की ओर से की गई जांच व संस्तुति शासन को सौंप दी गई है। इससे पूर्व विभाग भी अपनी जांच रिपोर्ट भेज चुका है। इस संबंध में शासन स्तर से मिलने वाले निर्देशों के बाद बिना मान्यता के संचालित मदरसों को बंद कराया जाएगा-मोहम्मद खालिद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी।
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