बहराइच: ऐसे तो घटती चली जायेगी कतर्नियाघाट में बाघ और तेंदुओं की संख्या
वन विभाग आपसी संघर्ष में मौत बता झाड़ लेता है पल्ला, वर्ष 2024 में ही दो बाघ और दो तेंदुओं की हो चुकी है मौत
बहराइच, अमृत विचार। कतर्नियाघाट सेंचुरी क्षेत्र वन्य जीवों के लिए मुफीद माना जाता है। लेकिन अब यही वन्य जीव निरंतर जंगल में दम तोड़ रहे हैं। जंगल में बीते माह से बाघ और तेंदुओं की मौत से वन महकमा सवालों के घेरे में है। निरंतर मौत पर भी वन विभाग कोई कार्रवाई या जांच करने के बजाए आपसी संघर्ष में मौत बता कर मामले को शांत कर देता है।
बहराइच जिले की शान कतर्निया घाट वन्य जीव प्रभाग है। जिले के दक्षिणी छोर पर स्थित जंगल विश्व के मानचित्र में अलग पहचान रखती है। 551 वर्ग किलोमीटर में फैले जंगल में बाघ, तेंदुआ, हिरण, हाथी समेत अन्य दुर्लभ वन्य जीव पाए जाते हैं। जंगल भ्रमण के लिए आने वाले लोग जंगली जीवों को देखकर अपने मोबाइल में तस्वीर में कैद करते हैं। सात रेंज में विभक्त जंगल में जंगली जीव विचरण करते हुए दिखते हैं। लेकिन बीते तीन माह में इन्हीं दुर्लभ वन्य जीवों पर संकट के बादल छा गए हैं। इसका नतीजा है कि दो बाघ और दो तेंदुए की अब तक मौत हो चुकी है। लेकिन हर बार की तरह इस बार भी वन विभाग ने मौत की पटखता तैयार आपसी संघर्ष दिखा दिया।
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आपसी संघर्ष से वन विभाग तो अपना गला बचा लेता है। लेकिन इसी तरह अगर जंगली जीवों की मौत हुई तो आने वाले समय में इनकी संख्या काफी कम हो जायेगी। पर्यावरण प्रेमी भी निरंतर मौत से दुखी हैं। लखनऊ निवासी पर्यावरण प्रेमी आरके सिंह और जिले के आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि नेचुरल मौत से कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन दो से तीन वर्ष के बाघ की मौत कई सवाल खड़े करते हैं।
आपसी संघर्ष में हुई मौत
कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के सुजौली रेंज में दो से तीन वर्ष के बाघ का शव सोमवार को मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद विसरा जांच के लिए बरेली भेजा गया है। मौत प्रथम दृष्टया आपसी संघर्ष में हुआ है।
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बाघ की मौत एक नजर में
4 जनवरी 2024 को गिरिजापुरी बैराज में बाघिन का शव मिला।
11 मार्च 2024 को सुजौली रेंज में बाघ का शव मिला।
एक अक्टूबर 2023 को बर्दिया गांव में घायल मिले बाघ की इलाज के दौरान मौत हो गई।
तेंदुआ की मौत एक नजर में
वर्ष 2024 में ही दो तेंदुओं की मौत हो चुकी है। इनमें 20 जनवरी को मुर्तिहा रेंज के नयापुरवा में तेंदुआ मृत मिला। जबकि दो फरवरी को पचासा गांव के निकट तेंदुआ मृत मिला था।
