Kanpur: कांग्रेस प्रत्याशी घोषित हुआ नहीं और झगड़े शुरू हो गए; कांग्रेस के ’दादा’ ने तिलकहाल छोड़ा, फुटपाथ पर बैठेंगे

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, विशेष संवाददाता। चुनाव के माहौल में कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठों के बीच विवाद और गुटबाजी चरम पर है। मकड़जाल में उलझी शहर कांग्रेस के नेताओं के बीच पाला खिंच गया है। शहर कांग्रेस कमेटी के सबसे बुजुर्ग नेता उपाध्यक्ष 86 वर्षीय शंकर दत्त मिश्रा (दादा)ने शहर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी पर तीखे आरोप लगाते हुए तिलकहाल को अलविदा कह दिया है। उन्होंने कहा कि मरते दम तक अब तिलकहाल नहीं जाऊंगा। 

कांग्रेस में रहते हुए जनता की सेवा करता रहूंगा। चुनाव लड़ाने के प्रबंधन में माहिर शंकरदत्त मिश्रा कहते हैं कि शहर कांग्रेस का मंदिर तिलकहाल है पर कोई जरूरी नहीं है कि रोज जाएं और घंटों बिताएं। तिलकहाल के बाहर रहकर भी तो काम किया जाता है। पूर्व विधायक वीरेंद्र नाथ दीक्षित की तरह फुटपाथ पर बैठकर कामकाज करते रहेंगे। 

सालों से रोज 10 घंटे पार्टी दफ्तर में बैठकर काम करने वाले शंकर दत्त मिश्रा (दादा) से दो दिन पहले एक अन्य उपाध्यक्ष लल्लन अवस्थी से मुंहाचाही काफी बढ़ गयी थी। तैश में आकर शंकरदत्त मिश्रा तिलकहाल की चाबी सौंपकर घर चले गए। पार्टी कार्यालय की चाबी तिलकहाल के सामने पनीर विक्रेता की दुकान पर रोज रखी जाती थी। उनका बेटा तिलकहाल आ गया और शहर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी से तेज आवाज में कहने लगा कि वह विवाद शांत कराने के बजाय तूल दे रहे हैं। 

बताते हैं कि शहर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मदनमोहन शुक्ला समेत वरिष्ठ नेताओं ने शहर अध्यक्ष नौशाद से बातचीत की पर बात नहीं बनीं। मदन मोहन ने बताया कि कोई खास विवाद नहीं है। शंकरदत्त जी वरिष्ठ हैं। उन्हें आराम की जरूरत है। फिर लौट आएंगे। शंकर दत्त से पार्टी के ब्राह्मण नेताओं में पूर्व विधायक भूधरनारायन मिश्रा, मदनमोहन शुक्ला, नरेशचंद्र त्रिपाठी, हरप्रकाश अग्निहोत्री आदि ने बातचीत कर मनाने का प्रयास किया। शंकरदत्त मिश्रा के समर्थक शहर अध्यक्ष को कठघरे में लाने को प्रयासरत हैं। नौशाद भी पूरे प्रकरण को शांत कराने को प्रयासरत हैं। 

नौशाद तल्ख अंदाज में बात करते: दादा

शंकरदत्त ने नौशाद पर आरोप लगाया कि लल्लन अवस्थी को टूल बनाकर नौशाद अक्सर तल्ख अंदाज में बात करते हैं। उनकी ये बातें सहन नहीं होतीं। पर बर्दाश्त करता रहा। अंततोगत्वा तिलकहाल छोड़ने का निर्णय ले लिया। पार्टी जिसे भी  प्रत्याशी घोषित करेगी उसे लड़ाऊंगा पर तिलकहाल कभी नहीं जाऊंगा। किसी दूसरे दल में जाने का सवाल ही नहीं उठता।

उनका निजी विवाद है, दूर हो जाएगा: नौशाद

शहर कांग्रेस अध्यक्ष नौशाद आलम का कहना है कि तिलकहाल के कार्यालय सचिव राधेश्याम कश्यप हैं। दिलीप शुक्ला भी कार्यालय के कार्य में सहयोग देते हैं। पार्टी के सभी लोग शंकरदत्त जी का सम्मान करते हैं। यह उनका निजी विवाद है। इससे पार्टी का कोई सरोकार नहीं है। मैं दोनों का सम्मान करता हूं। दादा की जो भी नाराजगी है दूर हो जाएगी।

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