प्रयागराज: अधिगृहित भूमि का पट्टा रद्द करने के मामले में जौहर विश्वविद्यालय की याचिका खारिज
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रामपुर जिले में मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की भूमि के पट्टे को रद्द करने के उत्तर प्रदेश सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने 18 दिसंबर 2023 को जौहर विश्वविद्यालय ट्रस्ट की याचिका सूचीबद्ध करने के कुछ दिनों बाद दोनों पक्षों को सुनने के बाद मामले को सुरक्षित कर लिया था। फैसले को सुरक्षित रखते हुए पीठ ने राज्य सरकार को शैक्षणिक सत्र 2023-24 के अंत तक रामपुर पब्लिक स्कूल के बच्चों के लिए हेल्पलाइन खुला रखने का निर्देश दिया था।
राज्य सरकार ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री आजम खान के नेतृत्व वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट को पट्टे की शर्तों के उल्लंघन का हवाला देते हुए 3.24 एकड़ भूमि का पट्टा रद्द कर दिया। सरकार की ओर से आरोप लगाया गया था कि मूल रूप से एक शोध संस्थान के लिए आवंटित भूमि पर एक स्कूल चलाया जा रहा है। सुनवाई के दौरान बिना कारण बताओं नोटिस के पट्टा रद्द करने के फैसले का बचाव करते हुए महाधिवक्ता ने विशेष जांच दल (एसआईटी) की उस रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें कहा गया कि लीज रद्द करने से पूर्व याची ट्रस्ट को अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त अवसर दिया गया। इसके अलावा उच्च शिक्षा के उद्देश्य से अधिग्रहित की गई भूमि का उपयोग रामपुर पब्लिक स्कूल चलाने के लिए किया जा रहा था। तत्कालीन कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आजम खान द्वारा सरकारी जमीन के खुले आम दुरुपयोग के आधार पर पट्टा रद्द करने का फैसला लिया गया।
हालांकि ट्रस्ट की ओर से अधिवक्ता ने तर्क दिया कि यूपी सरकार द्वारा लीज डीड को रद्द करने और संपत्ति को सील करने में प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन किया गया है। अनुसंधान संस्थान के खिलाफ कार्यवाही करने से पहले समिति के किसी भी सदस्य ट्रस्ट को कोई भी नोटिस नहीं दिया गया। इसके साथ ही पट्टा रद्द करने और परिसर को सील करने का कारण स्पष्ट नहीं किया गया, जिसकी वजह से याची राज्य को जवाब दाखिल नहीं कर सका।
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