Chitrakoot: अभिनेता राजपाल यादव पर पांच लाख की ठगी का आरोप, अधिवक्ता बोले, क्लब में साझीदार बनाने के नाम पर लिए रुपये
चित्रकूट में अभिनेता राजपाल यादव पर पांच लाख की ठगी का आरोप
चित्रकूट, अमृत विचार। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता राजपाल यादव पर जिले के एक बाशिंदे ने क्लब में साझीदार बनाने के नाम पर पांच लाख रुपये लेने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि जब क्लब नहीं बना और उसने रुपये वापस मांगे तो उसके साथ अभद्रता करते हुए धमकी दी गई। जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। उसने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 19 मार्च को राजपाल को कानूनी नोटिस भेजी है।
इलाहाबाद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता विनय कुमार पाल ने बताया कि बीते साल दिसंबर को राजपाल नौरंग यादव उर्फ राजपाल यादव और उनके भाई चंद्रपाल सिंह निवासी लोखंडवाला अंधेरी वेस्ट मुबंई ने मोबाइल से उनके मुवक्किल श्रीराम पुत्र छेदीलाल निवासी राघवपुरी सीतापुर माफी चित्रकूट को फोन किया था। इसमें बताया था कि मुंबई में जल्द ही एक क्लब का निर्माण किया जा रहा है।
अधिवक्ता के अनुसार, इसमें साझीदार बनाने के लिए दोनों ने श्रीराम को बुलाया था। साझीदार बनाने के एवज में दो चेकों के माध्यम से 14 दिसंबर और 16 दिसंबर को पांच लाख रुपये भी लिए थे। जब तीन महीने बाद भी क्लब की स्थापना या स्वामित्व व्यवसाय के संबंध में श्रीराम को कोई जानकारी नहीं मिली तो उसने रुपये वापस मांगे।
अधिवक्ता ने बताया कि इस पर दोनों ने उनके मुवक्किल को धमकी दी और दोबारा फोन करने के लिए मना किया। जातिसूचक शब्दों का भी प्रयोग किया गया। अधिवक्ता ने बताया कि उन्होंने श्रीराम की ओर से राजपाल को कानूनी नोटिस भेजी है और यथाशीघ्र राशि लौटाने का अनुरोध किया है। उन्होंने बताया कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो वह मुवक्किल की ओर एससी-एसटी एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराएंगे।
उधर, जब इस संबंध में दिए गए नंबर पर बात कर राजपाल यादव का पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उधर से जवाब आया कि रुकिए आपको चित्रकूट का ही एक नंबर देते हैं, जिससे मामले की जानकारी हो जाएगी।
हमारे पास काफी सबूत- एडवोकेट
अधिवक्ता विनय कुमार पाल ने बताया कि उनके पास राजपाल और उनके भाई के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य हैं। बताया कि राजपाल ने उनके मुवक्किल के साथ मीटिंग भी की थी। राजपाल को भेजे गए चेक की फोटो कापी और अन्य सबूत हैं। अगर पंद्रह दिन के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो वह एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने के लिए मजबूर होंगे।
तीन तारीख को रुपये लौटाने को कहा
जब दिए गए नंबर पर संतोष तिवारी को फोन किया गया तो उन्होंने बताया कि वह इस मामले में मात्र मध्यस्थ हैं। उनके ही सामने श्रीराम ने राजपाल के खाते में पैसा दिया था। बताया कि राजपाल ने तीन मार्च तक रुपये लौटाने की बात कही है। इसके अलावा वह कुछ नहीं जानते और मामले से उनका कोई लेनादेना नहीं है।
