Kanpur: भाजपा और कांग्रेस को एक-दूसरे के प्रत्याशी का इंतजार; दोनों दलों के दिग्गज दिल्ली में जमे, इनका नाम चर्चा में...

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर, (विशेष संवाददाता)। चुनावी माहौल में पूरे शहर में बस एक ही चर्चा है कि कानपुर से भाजपा और कांग्रेस का प्रत्याशी कौन ? कानपुर-बुंदेलखंड की दस में से नौ लोकसभा सीटों पर प्रत्याशी घोषित होने और कानपुर को होल्ड पर रखने के निर्णय के दूसरे दिन ही सांसद सत्यदेव पचौरी दिल्ली में डेरा डाले हैं। 

दूसरी तरफ कांग्रेस ब्राह्मण नेताओं में बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष वरिष्ठ नेता नरेश चंद्र त्रिपाठी एडवोकेट और शिक्षाविद कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व प्रत्याशी आलोक मिश्रा और गैर ब्राह्मण पवन गुप्ता दिल्ली में डटे हैं। टिकट की घोषणा गुरुवार या शुक्रवार तक किए जाने की खबर है। 

पाठक, महाना, नीतू, अजय, मालिनी के नाम चर्चा में

कानपुर संसदीय सीट से भाजपा में टिकट दावेदार कतारबद्ध होकर दिल्ली में डट गए हैं। पहली सूची में सत्यदेव पचौरी का नाम न आने के बाद अब आठ बार के विधायक विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना का नाम भी लिया जा रहा है। ब्राह्मण दावेदारों में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक व दिनेश शर्मा का नाम चर्चा में है। हाल ही में भाजपा में शामिल हुए तीन बार के विधायक अजय कपूर भी चर्चा में हैं। महिलाओं में शिक्षाविद नीतू सिंह और लोकसंस्कृति की गायिका मालिनी अवस्थी के नाम की चर्चा है।

नरेश, आलोक और पवन गुप्ता में होड़

सपा-कांग्रेस गठबंधन में टिकट के दावेदारों में यूं तो कई हैं पर प्रमुख रूप से आलोक मिश्रा, नरेश चंद्र त्रिपाठी, पवन गुप्ता का नाम चर्चा में हैं। गठबंधन प्रत्याशी का नाम भी गुरुवार या शुक्रवार तक फाइनल किया जा सकता है। मदन मोहन शुक्ला, हरप्रकाश अग्निहोत्री,  शरद मिश्रा का भी नाम है पर आलोक और नरेश की दिल्ली दौड़ रंग ला सकती है। 

भाजपा से अगर ब्राह्मण प्रत्याशी उतारा गया तो पवन गुप्ता को लगता है कि उनका टिकट पक्का हो सकता है। 2012 के मेयर चुनाव में वैश्यों का खासा वोट पाकर भाजपा के मुकाबले करीबी लड़ाई में आए पवन गुप्ता का यही आधार है कि कानपुर का ढाई लाख वैश्य का उन्हें समर्थन मिल सकता है। बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष नरेश चंद्र त्रिपाठी एडवोकेट तेजतर्रार नेता माने जाते हैं। आलोक मिश्रा दो बार कल्यानपुर विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के प्रत्याशी रह चुके हैं। दोनों बार उन्हें भाजपा से हार मिली।

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