बरेली: हैदराबाद से पश्चिम बंगाल तक तलाशती रही पुलिस, तौकीर रजा ने अचानक प्रकट होकर कर डाली प्रेस कॉन्फ्रेंस
फाइल फोटो
बरेली, अमृत विचार: पुलिस के हैदराबाद से पश्चिम बंगाल तक तलाश करने के दावों के बीच शहर में हुए 2010 के मुख्य अभियुक्त करार दिए गए आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां ने बृहस्पतिवार को अचानक प्रकट होकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर डाली। मौलाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश के संसाधनों काे लूटने का आरोप लगाते हुए देश का सबसे बड़ा खलनायक बताया। यह भी आरोप लगाया कि 2010 में दंगा उन्होंने नहीं बल्कि भाजपा ने कराया था।
देर शाम अचानक मीडिया वालों के पास मौलाना तौकीर की ओर से अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस का बुलावा पहुंचा। हमेशा की तरह तीखे अंदाज में तौकीर ने कहा कि मौजूदा सरकार की तानाशाही का यह हाल है कि उसके खिलाफ बोलना अपराध हो गया है। दिल्ली में केजरीवाल को गिरफ्तार करना साधारण बात नहीं है। अगर पूरा विपक्ष एकजुट होता तो ऐसा नहीं हो पाता। अगर केजरीवाल ने कांग्रेस से गठबंधन नहीं किया होता तब भी वह गिरफ्तार नहीं होते।
तौकीर ने कहा कि शहर के लोगों को याद होगा कि 2010 में उनकी पार्टी से हिंदू समुदाय के काफी लोग जुड़े थे, इसी से परेशान होकर भाजपा ने दंगा कराया। अपने ही जुलूस में वह दंगा क्यों कराते। उस साल रामबरात और बारावफात का जुलूस एक दिन होने का फायदा उठाकर भाजपा दंगा कराना चाहते थे। उन्होंने अगले दिन जुलूस निकालने की पैरवी की थी।
इस वजह से रामबरात के दिन मौका नहीं मिला और उन्होंने जुलूस वाले दिन दंगा कराया। असल दंगाइयों को आज तक पकड़ा ही नहीं गया। तौकीर ने कहा कि वह अगर सिर्फ मुसलमानों की बात करें तो भाजपा को दिक्कत नहीं होती। मुसलमानों के अलावा पिछड़े और दलित जैसे दूसरे वर्ग भी उनसे जुड़ रहे थे, इसलिए भाजपा को दिक्कत हुई।
कार्यपालिका दबाव में, जज भी कर रहे हैं राजनीति
आईएमसी प्रमुख ने कहा कि आज कार्यपालिका सरकार के काबू में है। ऐसे में न्याय पालिका से ही आखिरी उम्मीद बची है लेकिन कुछ जज भी राजनीति कर रहे हैं और इस्तीफा देकर चुनाव लड़ रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट को ऐसे जजों पर नजर रखनी चाहिए जो किसी पार्टी को खुश करने के लिए फैसले दे रहे हैं।
कितने केस हैं उनका निस्तारण नहीं हो रहा है, लेकिन 2010 के दंगा की फाइल खुलवा दी गई। तौकीर ने कहा कि वह न्याय पालिका का सम्मान करते हैं मगर सरकार अदालतों पर भी दबाव बना रही है। सुप्रीम कोर्ट को इस तरफ ध्यान देना चाहिए। प्रेस कॉन्फ्रेंस में तौकीर ने एक न्यायिक अधिकारी की भाजपा नेताओं के साथ तस्वीर भी साझा की।
हाईकोर्ट के आदेश पर 27 मार्च को पेश होऊंगा
तौकीर ने बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जो निर्देश दिया है, उसका वह पालन करेंगे और 27 मार्च को कोर्ट में पेश होंगे। तौकीर ने सफाई दी कि अगर उन्हें दंगे के केस में अदालत में तलब किए जाने की जानकारी होती तो वह पहले ही समन पर आ जाते। लेकिन वह केरल के अंदरूनी इलाके में थे। उनके खिलाफ अफवाह उड़ा दी गई कि वह खाड़ी देश भाग गए हैं जबकि उनके पास पासपोर्ट तक नहीं है।
दंगे की ठीक जांच हो तो जेल में होंगे ऐरन और राजेश
मौलाना तौकीर ने आरोप लगाया कि 2010 में शहर में दंगा भाजपा नेता राजेश अग्रवाल और तत्कालीन कांग्रेस सांसद प्रवीण सिंह ऐरन की मिलीभगत से हुआ था। उन्होंने कहा कि प्रवीण सिंह ऐरन की भाजपा से मिलीभगत है। अगर उन्होंने उन्हें समर्थन न दिया होता तो दंगा नहीं होता। अगर ठीक से जांच हो जाए तो प्रवीण सिंह ऐरन और राजेश अग्रवाल दोनों को जेल जाना पड़ेगा।
यह भी पढ़ें- बरेली: भाजपा के टिकट पर लगी निगाह, सपा को भी लग सकता है झटका
