Holi 2024: रंगों का त्योहार नजदीक, बाजारों में नहीं दिख रहा ‘रंग’...कर्मचारियों को वेतन और कारोबारियों को ग्राहकों का इंतजार

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Edited By Amrit Vichar
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आम आदमी किसी तरह त्योहार निपटा लेने को लेकर मजबूर

उन्नाव, अमृत विचार। होली का त्योहार नजदीक है लेकिन, अभी तक बाजारों में पर्व की रौनक नहीं दिख रही है। खरीददारों की आवक न बढ़ने से कारोबारियों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। नौकरी पेशा लोगों को जहां वेतन मिलने का इंतजार है वहीं कारोबारी भी बाजार की रौनक बढ़ने की राह देख रहे हैं। जबकि आमजन किसी तरह त्योहार निपट जाने की बात कह रहे हैं। 

आगामी 24 मार्च को होलिका दहन के साथ भाईचारे का पर्व होली शुरू हो जाएगा। त्योहारी तैयारियों के तहत महिलाओं ने किसी तरह पापड़-कचरी तो बना ली है, लेकिन माह के अंत में हो रहे होली पर्व से पहले वेतन भुगतान होने को लेकर असमंजस की स्थिति है। निजी क्षेत्र में नौकरी करने वालों को तो ऊपर से होली तक वेतन या एडवांस दिए जाने का भरोसा मिल रहा है लेकिन, राज्य कर्मचारियों में वेतन मिलने को लेकर असमंजस है।

यह बात दूसरी है कि अधिकांश कर्मचारी लोकसभा सामान्य निर्वाचन-2024 की वजह से सत्तारूढ़ दल द्वारा भुगतान कराने की उम्मीद बांधे हैं। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि उनका त्योहार बाजार की रौनक कराता है। क्योंकि त्योहार पर बिक्री के लिए स्टाक जुटाने में पूंजी फंसाई जा चुकी है।

अब खरीददारों की आवक बढ़ने से होने वाली बिक्री के मुनाफे से परिवार की जरूरतें पूरी करनी हैं। वहीं आम लोग कह रहे हैं कि परिवार सहित उनकी सीमित संसाधनों में जिंदगी गुजारने की आदत है। इसलिए पिछले तमाम त्योहारों की तरह होने वाली होली भी वह किसी न किसी तरह मना ही लेंगे। 

खरीदने होंगे बच्चों के कपड़े, मेहमानों की करनी होगी आवभगत 

उत्साह व उमंग के त्योहार होली पर दोपहर तक रंग खेलने के बाद लोग तैयार होकर नए कपड़े पहन कर एक-दूसरे के घरों में पहुंचकर गले मिल शुभकामनाएं देते हैं। इसलिए न सिर्फ नए कपड़े खरीदने होते हैं बल्कि, घर आने वाले मेहमानों की आवभगत भी करनी होती है। इसलिए किसी को वेतन मिलने की दरकार है तो किसी को मुनाफे की चिंता सता रही है।

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