लखनऊ: ब्रिटिश नागरिक कैसे बना केजीएमयू का डॉक्टर? पूर्व आईपीएस ने पेश किये सबूत

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में जिरियाट्रिक मेंटल हेल्थ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. श्रीकांत श्रीवास्तव के ब्रिटिश नागरिक होने के सबूत जांच समिति को मिल गये हैं। इस मामले से जुड़े कागजात और तथ्य पूर्व आईपीएस और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने शुक्रवार को सौंपा है। बताया जा रहा है कि जांच समिति ने भी इन सबूतों को सही माना है। 

दरअसल, करीब चार महीने पूर्व आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने  केजीएमयू के जिरियाट्रिक मेंटल हेल्थ विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ श्रीकांत श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत की थी। इस शिकायत में उन्होंने यह सवाल उठाया था कि आखिर ब्रिटिश नागरिक को केजीएमयू में कैसे नियुक्ति दे दी गई। जिसके बाद शासन के निर्देश पर केजीएमयू की डीन, एकेडमिक्स प्रो अमिता जैन के अधीन एक पांच सदस्य जांच समिति बनाई गई थी। जांच समिति में प्रो अमिता जैन, रजिस्ट्रार अर्चना अहिरवार, नेत्र विभाग की प्रो अपजीत कौर, फिजियोलॉजी विभाग के प्रो मनीष बाजपेई और प्रो संदीप भट्टाचार्य शामिल हैं। शुक्रवार को अमिताभ ठाकुर ने इस जांच समिति के समक्ष उपस्थित होकर अपने साक्ष्यों और अभिलेखों को प्रस्तुत किया है।

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