Lok Sabha 2024: बूथ मैनेजमेंट प्लान बना रहीं कांग्रेस और सपा...आलोक मिश्रा के नाम पर सपा विधायक सहमत
बूथ मैनेजमेंट प्लान बना रहीं कांग्रेस और सपा
कानपुर, अमृत विचार। इंडिया गठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस के हिस्से में आई कानपुर संसदीय सीट पर आलोक मिश्रा को उम्मीदवार बनाए जाने को लेकर सपा नेता भी पुरजोर कोशिश कर रहे हैं। उसके विधायकों अमिताभ बाजपेई और मोहम्मद हसन रूमी ने आलोक मिश्रा की जीत का गुणा- भाग आलाकमान को समझा दिया है। ऐसे में जल्द ही आलेक मिश्रा के नाम की घोषणा होने की उम्मीद है।
सपा और कांग्रेस के रणनीतिकार अब बूथ मैनेजमेंट प्लान पर काम कर रहे हैं। एक- एक बूथ पर कम से कम 20-20 युवाओं को जिम्मेदारी दी जाएगी। ये युवा मतदान के दिन बूथ पर बस्ता तो लगाएंगे ही पार्टी समर्थक एक भी मतदाता मतदान से वंचित न रह जाए इसके लिए उन्हें बूथ तक लाएंगे भी। मतदान से एक दिन पहले तक हर मतदाता के घर में पर्ची भी पहुंचाएंगे ताकि किसी को बस्ते पर आकर मतदाता सूची में नाम देखने के लिए खड़ा न होना पड़े।
मोदी लहर में 2014 और 2019 में यह सीट कांग्रेस के खाते में नहीं आई थी। इस बार सपा के साथ मिलकर कांग्रेस भाजपा से दो चुनावों में मिले हार का बदला लेना चाहती है। इसीलिए एक- एक बूथ को जीतने के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जा रहा है।
आलोक मिश्रा न सिर्फ सपा के विधायकों और पदाधिकारियों के साथ निरंतर बैठकें कर रहे हैं बल्कि बूथ अध्यक्षों और विधानसभा अध्यक्षों से भी संवाद करने में जुट गए हैं ताकि किसी भी सपा पदाधिकारी को यह न लगे कि चुनाव में उनके दल का उम्मीदवार नहीं है इसलिए घर बैठना है। जितना सपा के उम्मीदवार के लिए चुनाव में मेहनत करता है उतना ही कांग्रेस उम्मीदवार के लिए भी करे यह रणनीति बनाई जा रही है।
तीन चुनावों में मिले मतों को बना रहे आधार
अमिताभ बाजपेई ने नगर निगम चुनाव, विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस और सपा व आम आदमी पार्टी को मिले मतों को आधार बनाकर जीत का दावा किया है। 2019 में कांग्रेस उम्मीदवार श्रीप्रकाश जायसवाल की हार के लिए उनकी खराब सेहत का हवाला दिया जा रहा है। आलोक मिश्रा की सक्रियता समेत कई कारण गिनाए जा रहे हैं जो इस चुनाव में जीत का आधार बताए जा रहे हैं।
ये भी पढ़ें- Lok Sabha 2024: कानपुर के रण में कांग्रेस से आलोक मिश्रा...अब हर किसी की निगाह भाजपा के उम्मीदवार पर टिकट
