अयोध्या: दुष्कर्मी युवक को कोर्ट ने सुनाई 10 साल कैद की सजा, लगाया अर्थदंड
अयोध्या, अमृत विचार। दुष्कर्म के एक मामले में दोषी पाते हुए कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास व 5000 रुपये अर्थ दंड से दंडित किया है। अर्थ दंड की रकम में से ढाई हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश हुआ है। फैसला विशेष न्यायाधीश पोक्सो एक्ट नूरी अंसार की अदालत से शनिवार को हुआ।
पोक्सो एक्ट के विशेष लोक अभियोजक कालिका प्रसाद सिंह तथा आशीष द्विवेदी ने बताया कि घटना 28 अप्रैल 2018 की है। हैदरगंज थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली किशोरी को अंबेडकरनगर जिले के थाना अहिरौली के चाचिकपुर गांव का रहने वाला धर्मेंद्र भाग ले गया था। घटना के समय पीड़िता सब्जी लेने जा रही थी। पीड़िता को बहला फुसलाकर अपनी बाइक से बैठाकर ले जा रहा था।
गांव के बाहर प्राइमरी स्कूल के सामने पीड़िता की मां ने उसे देखा था। अपहरण करने के बाद रास्ते में पीड़िता के ही गांव का सूरज मिला। दोनों उसे बाराबंकी ले गए। जहां धर्मेंद्र ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसकी रिपोर्ट पीड़िता के भाई ने धर्मेंद्र और सूरज के खिलाफ दर्ज कराई थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने धर्मेंद्र को दोषी पाते हुए सजा दी जबकि सूरज को दोष मुक्त कर दिया।
