बाराबंकी: श्रमिकों को इजराइली एजेंसी ने दिया पत्र, 10 अप्रैल से विदेश के लिए भरेंगे उड़ान!
रीतेश श्रीवास्तव, बाराबंकी, अमृत विचार। इस्राइल और हमास के बीच हुए युद्ध के बाद वहां पर श्रमिकों की जरूरत बताई गई थी। इसमें कई श्रेणी के श्रमिकों को काम के लिए बुलाया गया था। ऐसे में जिले से भी श्रमिकों को वहां पर भेजा जाना है। जिसके चलते जिले से अलग-अलग श्रेणी में सैकड़ों की संख्या में आवेदन आए थे। श्रम विभाग ने यह सूची लखनऊ भेजी थी। इसके बाद वहां से 344 श्रमिकों को चिन्हित किया गया है। इन सभी मेडिकल और पुलिस वैरिफिकेशन आदि की कार्रवाई भी पूरी कर ली गई है। इनमें से 117 श्रमिकों को इजराइली सरकार की एजेंसी ने बकायदा आफिर्शियली लेटर भी दे दिया है। बताया जा रहा है कि 10 अप्रैल से इन श्रमिकों की रवानगी शुरु हो जाएगी।
श्रमिकों को भारत सरकार के राष्ट्रीय कौशल विकास कॉरपोरेशन के माध्यम से रोजगार देने के लिए आवेदन मांगे गए थे। जिले के चार सौ से अधिक श्रमिकों ने आवेदन किया था। इनमें से टाइल्स, राज मिस्त्री, बिल्डिंग, फ्रेम वर्क, शटरिंग कार्पेटर, आयरन वेडिंग आदि कार्य के लिए 344 श्रमिकों का चयन हो गया है। इनके स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पुलिस द्वारा घर-घर जाकर सत्यापन भी कराया गया है।
चयनित श्रमिकों के कार्य का परीक्षण भी लखनऊ में हो चुका है। सभी जरुरी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद 117 श्रमिकों को इजराइल सरकार की पीबा यानी पाप्यूलेशन एंड इमीग्रेशन अर्थारिटी यानी जनसंख्या और आप्रवासन प्राधिकरण ने इन्हें बकायदा लेटर भी भेज दिया है। इससे इनके जाने का रास्ता साफ हो गया है। और यह श्रमिक अनुबंध के अनुसार एक से पांच साल तक इजराइल में रहकर अपने ग्रेड के अनुसार कार्य करेंगे।
यही नहीं इस बीच श्रमिक अवकाश लेकर अपने वतन आवागमन भी कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें खुद खर्च उठाना पड़ेगा। सामाजिक सुरक्षा के तहत चिकित्सा बीमा तथा प्रवासी भारतीय बीमा योजना 2017 की सुविधाएं भी श्रमिकों को दी जाएंगी। जानकारी के अनुसार इन श्रमिकों को वहां प्रतिमाह सवा लाख रुपये मिलेंगे।
श्रम विभाग के अनुसार इन श्रमिकों की रवानगी 10 अप्रैल से प्लेन में सीट की उपलब्धता के अनुसार होगी। श्रमिकों को टिकट आदि के लिए धनराशि की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। सहायक श्रमायुक्त मयंक सिंह बताते हैं कि 117 श्रमिकों को पीबा ने लेटर दे दिया है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में इनकी रवानगी होगी।
तो क्या मतदान से होंगे वंचित?
श्रम विभाग की माने तो श्रमिक 10 अप्रैल से अलग-अलग तिथियों में इजराइल के लिए रवाना होंगे। वहीं जिले में 20 मई को लोकसभा चुनाव को लेकर मतदान होना है। अब सवाल यह उठता है कि इजराइल जाने वाले साढ़े तीन सौ श्रमिक अपने मत से वंचित रहेंगे। इस संबंध में पूछने पर श्रम विभाग के अधिकारी बताते हैं कि तमाम एनआरआई विदेशों में रहते हैं वह भी तो मतदान नहीं कर पाते होंगे।
बहरहाल पेट के लिए विदेश जाने वाले यह श्रमिक लोकतंत्र के पर्व में अपनी सहभागिता दर्ज कराएंगे या नहीं यह तो आने वाला समय बताएगा।

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