पीलीभीत: मतदान बाहिष्कार का मामला...ग्रामीणों को मना नहीं पाए, पुलिस ने जबरन पोस्टर उतरवाए, जानें मामला
पीलीभीत,अमृत विचार। रिहायशी इलाकों में घूम रहे बाघों और छुट्टा पशुओं को पकड़वाने की मांग को लेकर मतदान बहिष्कार के ऐलान के बाद गांव पहुंचे अफसर भी ग्रामीणों को नहीं मना सके। अलबत्ता इतना जरुर हुआ कि पुलिस ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों द्वारा लगवाए कुछ पोस्टरों को जरूर उतरवा दिया। फिलहाल असंतुष्ठ ग्रामीण दूसरे दिन भी अपनी मांगों को लेकर मतदान बहिष्कार की बात पर अड़े रहे।
पीलीभीत टाइगर रिजर्व की महोफ रेंज से सटे गांव पंडरी समेत अन्य गांवों में पिछले कुछ माह से बाघों का आतंक है। पंडरी और सेमपुर गांव में बाघ हमले में दो ग्रामीणों की मौत हो चुकी है। वहीं जंगल से सटे इन गांवों में एक महिला समेत तीन लोग बाघ हमलों में बुरी तरह जख्मी हो चुके हैं। जंगल किनारे बसे इन गांवों में छुट्टा पशुओं का भी खासा आतंक है। छुट्टा पशुओं द्वारा फसलों को रौंदने की जानकारी के बाद भी ग्रामीण बाघों के डर से खेतों की ओर रूख नहीं कर रहे हैं।
इन गांवों के ग्रामीण लगातार जनप्रतिनिधियों और अफसरों को बाघों एवं छुट्टा पशुओं से निजात दिलाने की मांग करते आ रहे हैं, मगर ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। इधर एक दिन पूर्व पंडरी गांव के ग्रामीणों ने समस्याओं को लेकर प्रशासनिक अफसरों का ध्यान आकृष्ठ कराने को मतदान बहिष्कार का एलान करते हुए जगह-जगह पोस्टर-बैनर लगा दिए थे। ग्रामीणों का कहना था कि यदि बाघ और छुट्टा पशुओं को नहीं पकड़ा गया तो वे सभी मतदान में हिस्सा नहीं लेंगे।
वही, सोमवार को भी पंडरी गांव के ग्रामीण मतदान बहिष्कार पर अड़े रहे। गांव पहुंचे कुछ अफसरों ने ग्रामीणों को समझाने का भी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अडिग रहे। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में एक खाली पड़ी जमीन पर तार खींचकर उसमें कुछ सांड रखकर खानापूरी की गई है। जबकि आबादी में घूम रहे बाघों को लेकर कोई बात ही नहीं हो रही है। ग्रामीणों के मुताबिक सोमवार सुबह न्यूरिया पुलिस ने गांव पहुंचकर जबरन कुछ पोस्टर उतरवा दिए। इसको लेकर ग्रामीणों में खासा रोष देखा गया।
डीएम ने देर शाम बैठक कर दिए निर्देश
पंडरी गांव में मतदान बहिष्कार की जानकारी मिलने के बाद डीएम संजय कुमार सिंह ने रविवार देर शाम अधिकारियों संग बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से गांव जाकर ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्याओं को सुनने के बाद निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं। यदि इस पर ग्रामीण मतदान बहिष्कार पर अड़े रहे तो डीएम और एसपी गांव जाकर ग्रामीणों से वार्ता करेंगे। फिलहाल मामले को लेकर खलबली मची हुई है।
अभी भी कई दीवारों पर लगे पोस्टर
पुलिस ने भले ही पंड़री गांव पहुंचकर मतदान बहिष्कार से जुड़े कुछ पोस्टर हटवा दिए हो। मगर मुख्य रास्तों के अलावा अन्य जगहों पर दीवारों पर अभी भी कई जगह पोस्टर लगे हुए है। जिनमें समस्या का समाधान न होने पर मतदान बहिष्कार की चेतावनी दी गई है।
मामला संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों को गांव भेजा गया है। पंडरी में अस्थाई पशु आश्रय स्थल बनवाया गया है। मुख्य पशु चिकित्साधिकार को भी निर्देशित किया गया है। ग्रामीणों से वार्ता कर उनकी समस्या का समाधान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं - संजय कुमार सिंह, जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी।
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