बलरामपुर: पांच थारू जनजाति ग्रामों के भाई-बहनों का 75 वर्षाे का इंतजार खत्म, चकबंदी की अधिसूचना जारी 

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बलरामपुर, अमृत विचार। आजादी के पचहत्तर सालों बाद जिले के पांच थारू ग्रामों के भाई बहनों का वनवास खत्म होने जा रहा है। पांचों ग्रामों के थारू भाई बहन अब मुख्य धारा में आ जाएंगे ।उन्हें जल्द ही भूमि का अधिकार सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

बताते चलें कि जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने तहसील तुलसीपुर अन्तर्गत पांच थारू ग्रामों बड़का भुकुरूवा, छोटका भुकुरूवा (भवानीपुर), कंचनपुर, भरिहवा तथा अकलघरवा में धारा-4(2) के तहत चकबन्दी प्रक्रिया प्रारम्भ करने के लिए विगत माह से शासन स्तर पर प्रयास शुरू किए थे।  सफलता मिलने के बाद डीएम  ने अधिसूचना पर हस्ताक्षर कर चकबन्दी अधिकारी को आदेश जारी कर दिये है।  एसडीएम तुलसीपुर को समस्त राजस्व अभिलेख चकबन्दी विभाग को हस्तगत करने के आदेश दिए हैं।

बताते चलें कि आजादी के 75 साल बाद भी इन पांचों थारू ग्रामों में कभी भी चकबन्दी नहीं हुई जिसके कारण यहां के लोग भूमि अधिकारों तथा तमाम योजनाओं से वंचित रहे। थारू जनजाति की विशेष पहचान एवं ऐतिहासिक धरोहरों वाले जनपद में पांचों ग्रामों के लोग मूल अधिकारों से वंचित रहे। जिलाधिकारी ने एक ओर जहां जनपद में बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस किया तो वहीं दूसरी ओर अति पिछडे़ जनपद का दंश झेल रहे जिले में थारू जनजाति के उत्थान के लिए भी विशेष प्रयास विगत दिनों मेें शुरू किये। जिसके परिणाम स्वरूप चकबन्दी आयुक्त द्वारा अधिसूचना जारी करते हुए पांचों ग्रामों मे चकबन्दी कराने का आदेश निर्गत कर दिया जिसके क्रम में जिलाधिकारी  ने अपने हस्ताक्षर से चकबन्दी बन्दोबस्त अधिकारी को चकबन्दी प्रक्रिया शीघ्र प्रारम्भ करने तथा एसडीएम तुलसीपुर कोे आदेश दिए हैं कि वे पांचों ग्रामों के राजस्व अभिलेख चकबन्दी विभाग को तत्काल उपलब्ध करा दें। जिलाधिकारी ने पांचों ग्रामों में निवास करने वाले थारू जनजाति परिवारों को इस बड़ी उपलब्धि के लिए बधाई दी है। 
 
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि अधिकार मिलने के बाद थारू जनजाति के लोग समाज की मुख्य धारा, विकासपरक व जनकल्याणकारी तथा लाभार्थीपरक योजनाओं से लाभान्वित होगें जिससे इन ग्रामों के लोगों को अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया हो सकेंगीं और उनका सामाजिक, आर्थिक व शैक्षिक स्तर सुधरेगा।  जिलाधिकारी  बताया कि वे लोक सभा चुनाव के बाद थारु एरिया में स्वयं कैम्प करेंगे और परीक्षण करेंगे कि सरकार की सभी सुविधाएं थारु भाई बहन और माताओं को मिलें।

जिलाधिकारी ने सचेत किया है वन विभाग, पुलिस विभाग, आबकारी विभाग और अन्य कानून प्रवर्तन एजेन्सीज द्वारा यदि छोटे-छोटे मामलों में थारु लोगों को अनावश्यक परेशान किया गया और उनके पौराणिक रीति रिवाज में जान बूझ कर परेशान करने की नीयत या वसूली करने की नीयत से चलानी काटी गयी तथा इसकी पुष्टि डीएम को अगर अपनी गोपनीय जांच में मिलती है तो उन अधिकारियों-कर्मचारियों या प्राइवेट माफिया पर कानून के तहत कठोर कार्यवाही की जाएगी और विभागीय कार्यवाही भी डीएम अपनी विशेष शक्तियों से प्रचलित करा देंगे।

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