सीतापुर: होली मिलन समारोह में मतदाताओं के "गले पड़" नेता चुनाव में मांग रहे साथ
सीतापुर। अक्सर आपने एक कहावत जरूर सुनी होगी। " गले पड़ना" आज कल यह कहावत जिले के नेता चरितार्थ कर रहे हैं। होली मिलन समारोहों में पहुँच कर नेता मतदाताओं के गले लग इस बार साथ देने की अपील कर रहे हैं। नेताओं की यह तरकीब चुनाव आयोग की नज़रों से बचाने के साथ ही जनता से भी सीधे जोड़ रही है।
होली मिलन और लोक सभा चुनाव प्रचार का इस समय जिले में चोली दामन से साथ दिख रहा है। जनता से सीधे जुड़ने के लिए नेताओं के खास लोग होली मिलन समारोह का आयोजन कर रहे हैं। इन होली मिलन समारोह में चुनाव लड़ नेताओं का भी आगमन होता है। फिर जनता से इन नेताओं को रूबरू कराया जाता है।
किसी के साथ सेल्फी, तो किसी के गले लग नेता इन लोगो से खूब अपनापन दिखाते हैं। पहचान न होने पर भी ऐसा दिखाते हैं जैसे बडी पुरानी जान पहचान हो। लेकिन इन होली मिलन समारोह का मकसद केवल जनसमर्थन जुटाना होता है। होली मिलन समारोह के दौरान नेता और उनके करीबी वहां आये लोगों से इस बार पूरे जोर के साथ देने की अपील करते हैं। फिलहाल मौजूदा समय में नेताओं को यह चुनावी होली खूब भा रही है।
चुनावी खर्च कम करने के लिए अपनाएं जा रहे हथकंडे
असल में चुनाव आयोग की नज़र में चुनाव खर्च कम करने के लिए नेता इस तरह की तमाम कोशिश करते रहते हैं। जिनमे उनका चुनाव प्रचार भी हो सके और चुनाव का खर्च भी न बढ़े। चुनावी होली मिलन समारोहों का आयोजन भी नेताओं के करीबियों की ओर से ही किया जाता है।
होली मिलन समारोह में भी नेताओं को बुलाने की होड़
गांव मोहल्ले में आयोजित होने वाले होली मिलन समारोह में नेताओं को बुलाने की होड़ सी लगी हुई है। चुनाव के बाद पांच वर्ष तक गायब रहने वाले नेताओं को अपने बीच बुलाने का इससे अच्छा मौका छुटभैये नेताओं को नहीं मिलता। ऐसे में यह छुटभैया नेता मोहल्ले और गांव में अपना रुतबा बढ़ाने के लिए होली मिलन समारोह का आयोजन कर चुनाव लड़ रहे नेताओं को बुलाते हैं। नेता भी अपना वोट बैंक बढ़ाने के लिए एक दिन में कई कई होली मिलन समारोह में पहुँच कर मतदाताओं के गले लग वोट की अपील करते दिखाई देते हैं।
यह भी पढ़ें:-Lok Sabha Elections 2024: बहराइच सीट पर छह बार बाहरी प्रत्याशियों ने जमाया कब्जा, लेकिन भाजपा ने...
