Bareilly News: जिले के तीन होनहारों ने UPSC की परीक्षा में बजाया सफलता का डंका

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार। संघ लोक सेवा आयोग ने सिविल सेवा परीक्षा 2023 का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। जिले के तीन होनहारों ने परीक्षा उत्तीर्ण कर परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। परिणाम आते ही उनके घर खुशी की लहर दौड़ गई। बधाई देने वाले उनके घर पहुंच रहे हैं।

शोहम ने दूसरे प्रयास में हासिल की 77 वीं रैंक
शहर में माधवबाड़ी निवासी शोहम टीबड़ेवाल ने दूसरे प्रयास में परीक्षा में 77 वीं रैंक हासिल की है। उनकी सफलता से परिवार के लोग उत्साहित हैं। उन्होंने सफलता का श्रेय पिता अनुपम टीबड़ेवाल और माता सीमा को दिया है। उन्होंने 10 वीं की शिक्षा स्टेडियम रोड स्थित निजी स्कूल और 12 वीं की पढ़ाई पीलीभीत रोड स्थित एक निजी स्कूल से पूरी की। 

इसके बाद मुंबई आईआईटी में उनका दाखिला हो गया और यहां से सिविल इंजीनियरिंग की शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने बताया कि पहले प्रयास में भी उनका चयन हो गया था, लेकिन उन्हें रेलवे के लिए चुना गया था। इससे वह संतुष्ट नहीं थे और दूसरे प्रयास में अपने प्रदर्शन से वह खुश हैं। शोहम के पिता व्यापारी हैं। शोहन की बहन एकता और बहनोई विशाल जिंदल अमेरिका की नामी कंपनियों में नौकरी करते हैं।

निर्देश ने शिक्षक पिता के मार्गदर्शन में अर्जित की सफलता
बहेड़ी निवासी निर्देश गंगवार ने परीक्षा में 360 रैंक प्राप्त की है। उन्होंने कक्षा नौ तक की पढ़ाई कस्बे में की, जबकि 10 वीं और 12 वीं की पढ़ाई नैनीताल में रह कर पूरी की। पढ़ाई में शुरू से होनहार रहे निर्देश का दाखिला बीएचयू आईआईटी में हो गया। 

2020 में आईटी (इंफार्मेशन टेक्नोलॉजी) में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के बाद वह गुरुग्राम स्थित एक निजी आईटी कंपनी में प्रोडेक्ट मैनेजर के पद कार्य करने लगे। साथ ही वह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। करीब तीन साल कड़ी मेहनत कर तीसरे प्रयास में उन्होंने परीक्षा में सफलता हासिल की। एमजीएम इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पिता अशोक कुमार गंगवार और ग्रहणी मां निर्मला गंगवार बेटे की सफलता से गदगद हैं। 

निर्देश की बड़ी बहन श्रद्धा शिक्षक हैं, जबकि छोटी बहन स्वाति घर की जिम्मेदारियां का निर्वहन कर रही हैं। निर्देश ने बताया कि वह कंपनी के नियमानुसार अगले हफ्ते त्यागपत्र सौंपेंगे। सफलता का श्रेय पिता को देते हुए निर्देश ने कहा कि उनकी मुख्य रूप से शिक्षा और कृषि के क्षेत्र में विकास करने की योजना है।

यशवर्धन ने पहले प्रयास में पाई सफलता
डोहरा रोड निवासी यशवर्धन सिंह चौहान ने 21 साल की आयु में पहले ही प्रयास में परीक्षा में 571 रैंक हासिल की है। उन्होंने सफलता का श्रेय जयनारायण सरस्वती विद्या मंदिर में प्रधानाचार्च पिता डॉ. रविशरण सिंह चौहान को देते हुए बताया कि परीक्षा की तैयारी के लिए उन्हें महज 10 महीने का ही समय मिला था। बताया कि महिला सशक्तीकरण और शिक्षा के क्षेत्र में विकास की अपार संभावनाएं हैं। 

इन क्षेत्रों में अवसर मिला तो निश्चित रूप से बेहतर करेंगे। डॉ. रविशरण सिंह ने बताया कि बेटा शुरू से ही पढ़ाई में होनहार रहा है। हाईस्कूल बदायूं के द्रोपदी देवी सरस्वती इंटर कॉलेज और इंटर बीसलपुर के सरस्वती विद्या मंदिर से किया। इसके बाद बरेली कॉलेज से बीए और एमए की पढ़ाई की। इस बीच बेटे ने सीडीएस (कंबाइंड डिफेंस सर्विस) और (नेशनल डिफेंस एकेडमी ) की परीक्षा भी उत्तीर्ण की।

श्रेष्ठ कोचिंग से मिला मार्गदर्शन: शोहम
श्रेष्ठ कोचिंग के निर्देशन में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता पाने वाले शोहम टीबड़ेवाल ने बताया कि तैयारी के लिए उन्होंने ऑनलाइन पाठ्यक्रमों का भी सहारा लिया, लेकिन मुख्य रूप से रामपुर गार्डेन स्थित श्रेष्ठ आईएएस कोचिंग संस्थान के मेंटर डाॅ. केवी त्रिपाठी का मार्गदर्शन सबसे मददगार साबित हुआ। मेंटर ने उनकी सफलता पर हर्ष जताते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

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