बरेली: कोरोना संक्रमित की मौत पर फिर घिरा स्वास्थ्य विभाग
बरेली, अमृत विचार। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने समीक्षा के दौरान एक बार फिर सर्वेक्षण टीम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि ये चिंताजनक है कि मौत के कई मामलों में संक्रमितों को भर्ती होने से दस दिन पहले से ही बुखार था लेकिन सर्वेक्षण टीम को इनकी जानकारी नहीं …
बरेली, अमृत विचार। अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल ने समीक्षा के दौरान एक बार फिर सर्वेक्षण टीम की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि ये चिंताजनक है कि मौत के कई मामलों में संक्रमितों को भर्ती होने से दस दिन पहले से ही बुखार था लेकिन सर्वेक्षण टीम को इनकी जानकारी नहीं हुई।
नोडल अधिकारी ने आंवला निवासी प्रेमशंकर वर्मा की मौत की समीक्षा के दौरान बताया कि परिजनों के अनुसार उनकी तबीयत कई दिन पहले से खराब चल रही थी। तबीयत खराब होने पर परिजन पहले उन्हें पहले दवा देते रहे। बाद में हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनका सैंपल लिया गया। इसके बाद उनमें संक्रमण की पुष्टि होने पर शहर के बाहर स्थित कोविड अस्पताल में करीब आठ दिन इलाज चलने के बाद उनकी मौत हो गई।
इस मामले में नोडल अधिकारी नवनीत सहगल ने सवाल किया कि अगर प्रेमशंकर की तबीयत दस दिन से खराब थीं तो सर्वेक्षण टीम क्या कर रहीं थी। सर्वेक्षण टीम से पूछा जाए कि उन्हें जानकारी क्यों नहीं थी। भर्ती करते समय उनके रक्त में आक्सीजन स्तर 68 होने पर भी उन्हें रेमडिसिविर क्यों नही दिया गया। इस बात पर संबधित कोविड अस्पताल से स्पष्टीकरण मांगा है।
