बरेली: सर्दियां शुरू होने पर कोरोना संक्रमण बढ़ने का खतरा
बरेली, अमृत विचार। कोरेाना संक्रमण से स्वस्थ्य हुए मरीजों की एंटीबॉडी तीन महीने में ही खत्म हो जाती है। वहीं, दूसरी ओर त्योहार पर बाजार में उमड़ने वाली भीड़ से कोविड-19 नियमों का पालन कैसे हो सकेगा, ऐसे में सर्दियों में कहीं कोरोना के मामले न बढ़ जाएं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी चिंता …
बरेली, अमृत विचार। कोरेाना संक्रमण से स्वस्थ्य हुए मरीजों की एंटीबॉडी तीन महीने में ही खत्म हो जाती है। वहीं, दूसरी ओर त्योहार पर बाजार में उमड़ने वाली भीड़ से कोविड-19 नियमों का पालन कैसे हो सकेगा, ऐसे में सर्दियों में कहीं कोरोना के मामले न बढ़ जाएं। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों को इसकी चिंता सता रही है।
अभी बेशक 80 फीसदी से ज्यादा मरीज कोरोना संक्रमण से ठीक हो गए हों। मगर, सर्दियां आने के बाद इन मरीजों के दोबारा संक्रमित होने की आशंका बनी हुई है। चिकित्सा विशेषज्ञों का मानना है कि जिन लोगों के शरीर में कोरोना संक्रमण ठीक होने के बाद एंटीबॉडी कम बनी है या फिर वह कोरोना मरीज पहले से किसी दूसरी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं, सर्दियां बढ़ने पर उन मरीजों में फिर से कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा है। वैसे भी कोरोना पीड़ित मरीजों में तीन माह से ज्यादा एंटीबॉडी नहीं रुकती है। इसलिए कोरोना संक्रमण से ठीक हुए मरीजों को अब ओर सावधानी बरतने की जरुरत हैं।
300 बेड कोविड अस्पताल के सीएमएस और वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. वागीश वैश्य ने बताया कि अंतरजनपदीय जनपदों में हुए कोरोना मरीजों के इलाज और शोधों में देखा गया है कि कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले कई मरीज दोबारा से कोरोना पॉजिटिव निकले हैं। इसकी वजह उनके शरीर में एंटीबॉडी पूरी ताकत से न बनना या फिर एंटीबाडी क्षमता से कम बनना है। हालांकि अभी इस तरह का कोई भी कोरोना केस सामने नहीं आया है। क्योंकि यहां अभी एंटीबॉडी टेस्ट शुरु ही नहीं हो पाया है।
बताया कि एंटीबॉडी और इम्युनिटी दोनों अलग-अलग चीजें हैं। इम्युनिटी शरीर में प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। जबकि एंटीबॉडी शरीर का वह तत्व है, जिसका निर्माण इम्युन सिस्टम में वायरस को बेअसर करने के लिए होता है।

बरतें सावधानी, कोरोना खत्म नहीं हुआ
एसीएमओ डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि कोरोना से लड़ने के लिए शरीर एंटीबॉडी बनाता है। लेकिन, आम तौर पर देखा गया है कि बाहर राज्यों में ठीक होने वाले एक तिहाई कोरोना मरीजों में एंटीबॉडी क्षमता से कम बन रही है या बन ही नहीं रही है। ऐसे मरीजों में संक्रमण का खतरा दोबारा रहेगा। अभी तक ऐसा शोध नहीं हो पाया है। जिससे पता चले कि दोबारा कोरोना संक्रमण की गुंजाइश नहीं है। इसलिए जरूरी है कि आने वाले त्यौहारी सीजन और सर्दियों में कोरोना को लेकर सावधानी बरती जाये। त्यौहार पर लोग सावधानी के साथ और कोविड -19 के नियमों को ध्यान में रखते हुए खरीदारी करें। सर्दियों में ह्दय ,किडनी और सांस के मरीजों को विशेष ख्याल रखने की जरूरत है।
